छत्तीसगढ़

आजादी के बाद पांच राष्ट्रपतियों के बस्तर दौरे का उल्लेख, द्रौपदी मुर्मु की यात्रा से जुड़ेंगी ऐतिहासिक परंपराएं

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23 अक्टूबर को मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति, इससे पहले फरवरी में बस्तर पंडुम में लिया था हिस्सा

जगदलपुर। बस्तर की धरती प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के साथ देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तित्वों के दौरों की भी साक्षी रही है। आजादी के बाद से अब तक देश के पांच राष्ट्रपतियों के बस्तर आगमन का उल्लेख मिलता है। इन यात्राओं के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक सहयोग, पर्यटन और जनजातीय संस्कृति जैसे विषयों को प्रमुखता मिली।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 अक्टूबर 2026 को अपने दूसरे बस्तर प्रवास पर ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंच रही हैं। इससे पहले उन्होंने 7 फरवरी 2026 को बस्तर पंडुम में भाग लिया था। उनका यह दौरा बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपराओं और जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हर राष्ट्रपति के दौरे का रहा अलग महत्व

बस्तर के इतिहास में राष्ट्रपति के दौरों पर नजर डालें तो प्रत्येक यात्रा का अपना अलग महत्व सामने आता है। इन दौरों के जरिए कभी ग्रामीणों को सामूहिक प्रयासों के लिए प्रेरित किया गया, तो कभी शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास की जरूरतों को रेखांकित किया गया। बस्तर जैसे जनजातीय बहुल क्षेत्र में राष्ट्रपति की यात्राएं स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और विकास संबंधी मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर भी रही हैं।

जनजातीय संस्कृति और परंपराओं पर रहेगा विशेष फोकस

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की प्रस्तावित यात्रा में ऐतिहासिक मुरिया दरबार की सहभागिता विशेष महत्व रखती है। बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और जनजातीय सहभागिता के लिए देशभर में अलग पहचान रखता है। मुरिया दरबार इस सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

राष्ट्रपति का बस्तर पंडुम में पूर्व में शामिल होना और अब मुरिया दरबार में सहभागिता का कार्यक्रम क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता देने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, आजादी के बाद बस्तर आने वाले पांचों राष्ट्रपतियों के नाम और उनकी यात्राओं की तिथियों की पुष्टि आधिकारिक ऐतिहासिक अभिलेखों से किया जाना आवश्यक है।

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