महानदी में उफान से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा, ओपी चौधरी ने देर रात किया सीधा संवाद

रायगढ़, शक्ति और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के निचले गांवों में बढ़ी चिंता, हीराकुंड के 20 गेट खोले गए
रायगढ़। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से रायगढ़, शक्ति और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के तटीय एवं निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
इसी बीच रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने देर रात लाइव आकर तीनों जिलों के लोगों से सीधा संवाद किया और मौजूदा स्थिति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि महानदी में बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ओडिशा सरकार तथा हीराकुंड बांध प्रबंधन से संवाद स्थापित किया है।
हीराकुंड बांध के 20 गेट खोले गए
वित्त मंत्री ओपी चौधरी के अनुसार, हीराकुंड बांध के 20 गेट खोले गए हैं। इसका उद्देश्य बांध में बढ़ रहे जलस्तर को नियंत्रित करना और महानदी के तटीय इलाकों में बाढ़ के खतरे को कम करना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
‘यह प्राकृतिक आपदा है, घबराने की जरूरत नहीं’
लाइव संवाद के दौरान ओपी चौधरी ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है और प्रकृति के प्रकोप को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सावधानी और सतर्कता के जरिए जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने रायगढ़, शक्ति और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने लोगों से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह घबराने का समय नहीं है। प्रशासन और सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा जरूरत के अनुसार राहत और बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं।
बाढ़ की आशंका को लेकर पहले ही की गई थी तैयारी
ओपी चौधरी ने बताया कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए उन्होंने समय रहते रायगढ़, शक्ति और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की थी। बैठक में संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए थे।
नाव, गोताखोर और राहत शिविरों की व्यवस्था
बैठक के दौरान निचले और तटीय क्षेत्रों में नाव, गोताखोर, राहत शिविर, भोजन और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही संभावित प्रभावित गांवों में लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए मुनादी भी कराई गई है।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय स्तर के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल तेज किया जाएगा। उन्होंने लोगों से प्रशासन के साथ सहयोग करने और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की।






