छत्तीसगढ़

रायगढ़ में इस्कॉन प्रचार-प्रसार को लेकर महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, आध्यात्मिक चेतना विस्तार पर हुआ मंथन

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रायगढ़, 10 मई। अग्रोहा भवन में आयोजित बैठक में इस्कॉन के दिव्य विजन और समाज कल्याण मिशन पर हुई चर्चा
इस्कॉन प्रचार केंद्र, रायगढ़ द्वारा नगर में आध्यात्मिक चेतना के विस्तार हेतु एक विशेष बैठक का आयोजन रविवार, 10 मई को स्थानीय अग्रोहा भवन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बैठक में इस्कॉन के मूलभूत सिद्धांतों, वैश्विक मिशन तथा समाज कल्याण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस्कॉन का उद्देश्य—आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार और जीवन मूल्यों की शिक्षा
बैठक के दौरान संस्था के विजन और मिशन को रेखांकित करते हुए बताया गया कि इस्कॉन का मुख्य उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार करना है। समाज के सभी वर्गों को व्यवस्थित रूप से आध्यात्मिक ज्ञान से अवगत कराना तथा जीवन के वास्तविक मूल्यों की शिक्षा देना, ताकि विश्व में शांति और एकता स्थापित हो सके।

रायगढ़ में चल रही गतिविधियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी गई
इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के प्रभारी एवं रायपुर इस्कॉन के मुख्य पुजारी मिथिला दास प्रभुजी ने बैठक में अब तक की गतिविधियों, आयोजनों तथा भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भगवद गीता और भागवतम के सिद्धांतों के माध्यम से जन-जन में “कृष्ण चेतना” जागृत करना ही मुख्य उद्देश्य है, जिससे लोग समझ सकें कि सभी एक ही ईश्वर की संतान हैं और प्रेम व सेवा ही जीवन का आधार है।

मुंबई से आए सचिव ने साझा किया इस्कॉन का वैश्विक विजन
मुख्य अतिथि के रूप में इस्कॉन जुहू, मुंबई के सचिव रामरघुनाथ प्रभुजी ने कहा कि इस्कॉन केवल एक संस्था नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य लोगों को तनावमुक्त और भक्तिमय जीवन जीने की कला सिखाना है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ केंद्र के माध्यम से सात्विक जीवनशैली और वैदिक संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।

युवाओं के चरित्र निर्माण और व्यसन मुक्ति पर विशेष फोकस
बैठक में रायगढ़ जिले में नियमित सत्संग, गीता सत्र और संकीर्तन कार्यक्रमों के माध्यम से इस्कॉन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की योजना तैयार की गई। युवाओं को व्यसनों से दूर रखने और चरित्र निर्माण के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।

हरे कृष्ण संकीर्तन और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
बैठक की शुरुआत हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन से हुई और समापन प्रसाद वितरण के साथ किया गया। इस अवसर पर रायगढ़ के प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त उपस्थित रहे।

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