कोटमीकला हत्याकांड का खुलासा: 7 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया लूट का सोना-चांदी और हथियार

कोटमीकला। साप्ताहिक बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार, जिंदा कारतूस, लूटे गए आभूषण, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और कार बरामद की है।
झारखंड से ट्रेन पकड़कर आए थे आरोपी, बाइक खरीदकर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी झारखंड से ट्रेन के जरिए अकलतरा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। इसके बाद मास्टरमाइंड खुशीराम साहू के साथ ग्राम बिटकुला पहुंचे और खम्हरिया स्थित होंडा शोरूम से ग्लैमर बाइक खरीदकर घटना की योजना को अंतिम रूप दिया।
इसके बाद सभी आरोपी कोटमीकला साप्ताहिक बाजार पहुंचे और व्यापारी प्रदीप सोनी से लूटपाट शुरू कर दी।
विरोध करने पर गोली मारकर हत्या
लूट के दौरान प्रदीप सोनी ने आरोपियों का डटकर सामना किया, लेकिन इस दौरान आरोपी मनीष मंडल उर्फ राहुल ने अवैध हथियार से गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी सोना-चांदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
जंगल में रातभर छिपे रहे, फिर बांटा लूट का माल
भागते हुए आरोपी रास्ता भटक गए और रातभर बोदरापारा-तिलोरा जंगल में छिपे रहे। अगले दिन मोबाइल से संपर्क कर लूट का सामान आपस में बांट लिया और अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए।
कुछ आरोपी बस और ट्रेन के जरिए झारखंड लौट गए, जबकि मास्टरमाइंड खुशीराम साहू अलग-अलग वाहनों से अपने ठिकाने पहुंच गया।
पुलिस की तेज जांच से 2 हफ्ते में खुला पूरा गिरोह
26 मई 2026 को हुई इस वारदात के बाद आईजी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी जांच, साइबर ट्रैकिंग और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने दो सप्ताह के भीतर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
भारी मात्रा में हथियार और सोना-चांदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से
- 2 देशी कट्टा
- 4 जिंदा कारतूस और 1 खोखा
- करीब 40 ग्राम सोना
- 4 किलो 480 ग्राम चांदी
- 7 मोबाइल फोन
- 2 मोटरसाइकिल और 1 स्विफ्ट कार
बरामद किए हैं।
मास्टरमाइंड बिहार-झारखंड गिरोह से जुड़ा, कई आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के
पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड खुशीराम साहू बिहार और झारखंड के अपराधियों के संपर्क में था। कई आरोपियों के खिलाफ पहले से ही लूट और चोरी के मामले दर्ज हैं।
जांच टीम को इनाम की घोषणा
इस सफल खुलासे में जीपीएम, बिलासपुर, मुंगेली पुलिस, साइबर सेल और ACCU टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आईजी रामगोपाल गर्ग ने पूरी टीम को 1 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है।







