खैरागढ़ कलेक्टरेट में हड़कंप, अधेड़ व्यक्ति ने खुद को आग लगाने की कोशिश की

कथित सामाजिक बहिष्कार से परेशान व्यक्ति ने उठाया आत्मघाती कदम, पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा
खैरागढ़ जिले के कलेक्टरेट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अधेड़ व्यक्ति ने खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगाने की कोशिश की। दिनदहाड़े हुई इस घटना से परिसर में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक दहशत में आ गए। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित की पहचान शीतलाल निर्मलकर, निवासी कटंगी गंडई के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने गांव में कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार का शिकार था और इसी मामले को लेकर लंबे समय से प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। न्याय न मिलने से वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शीतलाल निर्मलकर ने अचानक कलेक्टरेट परिसर में अपने ऊपर मिट्टी तेल डाल लिया और आग लगाने का प्रयास किया। यह देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उसे आग लगाने से रोक लिया। इस दौरान वह हल्का घायल हुआ, लेकिन उसकी जान बचा ली गई।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने उसे अपनी सुरक्षा में लेकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
पीड़ित का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों द्वारा उसका सामाजिक बहिष्कार किया गया है। उसने इस संबंध में पहले भी कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों में शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शीतलाल का कहना है कि लगातार उपेक्षा और अनदेखी के चलते वह मानसिक तनाव में आ गया था, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।












