Central Consumer Protection Authority ने वजिराव एंड रेड्डी इंस्टीट्यूट पर 15 लाख का जुर्माना लगाया

नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2023 से संबंधित भ्रामक विज्ञापन जारी करने के मामले में Vajirao and Reddy Institute पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्राधिकरण के अनुसार संस्थान ने अपने विज्ञापनों में जानबूझकर महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई, विशेष रूप से यह तथ्य कि सफल उम्मीदवारों ने कौन-से विशिष्ट पाठ्यक्रम चुने थे।
वेबसाइट पर प्रकाशित की गई थीं तस्वीरें
परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद संस्थान ने Union Public Service Commission द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2023 के सफल अभ्यर्थियों की तस्वीरें अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की थीं।
सीसीपीए ने कहा कि इन प्रस्तुतियों से उपभोक्ताओं के बीच यह गलत धारणा बनी कि सभी सफल उम्मीदवार संस्थान के नियमित पाठ्यक्रमों के छात्र थे, जबकि वास्तविक स्थिति अलग थी।
उपभोक्ताओं को गुमराह करने का आरोप
प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह के विज्ञापन उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता को प्रभावित करते हैं। सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि भ्रामक प्रचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अभ्यर्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।






