अमेरिका–ईरान युद्ध का असर टी-20 वर्ल्ड कप 2026 पर, खिलाड़ियों की वापसी को लेकर ICC सतर्क

नई दिल्ली/कोलंबो: 28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष का असर अब खेल जगत पर भी दिखाई देने लगा है। भारत और श्रीलंका में खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के समापन चरण में पहुंचते ही खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षित वापसी को लेकर नई चुनौतियां सामने आ गई हैं।
दुबई रूट पर अनिश्चितता
आमतौर पर भारत और श्रीलंका से विदेशी टीमें अपने देशों को लौटते समय दुबई मार्ग का उपयोग करती हैं। लेकिन क्षेत्रीय तनाव और हवाई क्षेत्र से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के चलते यह रूट फिलहाल असुरक्षित माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान उन क्षेत्रों पर हमले कर रहा है जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया के हवाई मार्गों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इससे खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ, मैच अधिकारियों और ब्रॉडकास्ट टीम की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
ICC ने बनाई वैकल्पिक योजना
इस स्थिति को देखते हुए International Cricket Council (ICC) ने आपात रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। ICC के प्रवक्ता ने कहा,
“हमारे इवेंट से जुड़े हर व्यक्ति की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी ट्रेवल, लॉजिस्टिक्स और सिक्योरिटी टीमें लगातार काम कर रही हैं, ताकि सभी लोग सुरक्षित घर लौट सकें और कम से कम बाधा हो।”
ICC ने टूर्नामेंट में शामिल खिलाड़ियों और आने वाले प्रशंसकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले संबंधित सरकारी एडवाइजरी और सुरक्षा दिशानिर्देशों पर नजर रखें।
फैंस और अधिकारियों पर भी असर
यदि हवाई मार्गों में बदलाव होता है, तो इसका असर केवल खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि हजारों प्रशंसकों, मीडिया कर्मियों और आयोजन से जुड़े कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल टूर्नामेंट अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्थिति पर ICC और संबंधित बोर्ड लगातार नजर बनाए हुए हैं।






