रायगढ़ में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: ED के खिलाफ आर्थिक नाकेबंदी, उमेश पटेल समेत कई नेता सड़कों पर उतरे

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। कोतरा रोड ओवरब्रिज के पास दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक कांग्रेसियों ने आर्थिक नाकेबंदी कर दी। इस दौरान ट्रक, डंपर और अन्य मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी जाम की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन के दौरान युवा कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और ईडी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। हालांकि, स्कूल बसों और निजी वाहनों को रोकने से कार्यकर्ताओं ने परहेज किया।
इस आंदोलन में पूर्व मंत्री और विधायक उमेश पटेल, लैलूंगा विधायक विद्यावति सिदार, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनिल शुक्ला, ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी, नगर निगम सभापति सलीम नियारिया, पूर्व महापौर जानकी काट्जू, शाखा यादव, विकास ठेठवार, अनिल अग्रवाल, आशीष जयसवाल, वसीम खान, रानी चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर राज्यभर में आर्थिक नाकेबंदी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे को राजनीतिक दुर्भावना के तहत फंसाया गया है।
उन्होंने कहा, “यह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश में देखा जा रहा है कि जो भी नेता भाजपा की नीतियों के खिलाफ बोलता है, उसके खिलाफ ED, CBI और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जाता है।”
“ED बन गई है भाजपा की एजेंसी”: उमेश पटेल
पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने भी केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब-जब कांग्रेस ने अडानी जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए, तभी किसी न किसी नेता के खिलाफ ईडी की कार्रवाई शुरू हो जाती है। विधानसभा में तमनार का मुद्दा उठाया गया और अगले ही दिन ईडी की कार्रवाई शुरू हो गई। यह सीधे-सीधे दमन की राजनीति है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह के राजनीतिक शोषण के खिलाफ सड़कों पर उतर कर जवाब देगी।






