छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 10,617 करोड़ रुपये का बजट पास, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विकास और पारदर्शिता पर जोर दिया

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विभागों से संबंधित 10,617 करोड़ 73 लाख 49 हजार रुपये की अनुदान मांगों को आज मंजूरी दे दी गई।

प्रमुख विभागों के लिए स्वीकृत राशि

  • सामान्य प्रशासन विभाग: 612 करोड़ रुपये से अधिक
  • जल संसाधन विभाग: 3,105 करोड़ रुपये
  • ऊर्जा विभाग: 4,236 करोड़ रुपये
  • खनिज साधन विभाग: 1,145 करोड़ रुपये से अधिक
  • इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, जनसम्पर्क, विमानन और जिला परियोजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण राशि स्वीकृत की गई।

मुख्यमंत्री ने बजट का महत्व और उपलब्धियां गिनाईं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों से सरकार “छत्तीसगढ़ महतारी” की सेवा के संकल्प के साथ काम कर रही है और अब “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस बार बजट की थीम ‘संकल्प’ रही, जबकि पहले की थीम ‘ज्ञान’ और ‘गति’ थी।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और डिजिटल गवर्नेंस के जरिए व्यवस्थागत खामियों को दूर किया गया है, जिससे आबकारी राजस्व पहले 5,110 करोड़ से बढ़कर लगभग 11,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

नक्सलवाद और सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के मुद्दे पर बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और राज्य अब हिंसा से बाहर निकलकर विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों की भूमिका अहम रही है।

खनिज, ऊर्जा और सिंचाई क्षेत्र में प्रगति

  • खनिज राजस्व 2025-26 तक 17,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान।
  • डीएमएफ फंड के तहत 19,000 से अधिक कार्य पारदर्शी रूप से स्वीकृत।
  • ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ 30,000 मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ अग्रणी। बीपीएल परिवारों के लिए मुफ्त बिजली, किसानों को सब्सिडी और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत।
  • सिंचाई क्षेत्र में 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत। इंद्रावती नदी पर बैराज और नहर निर्माण से बस्तर क्षेत्र को लाभ।

डिजिटल गवर्नेंस और आईटी क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह बनी है। आईटी और एआई क्षेत्र के लिए 417 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें एआई मिशन और डेटा लैब्स शामिल हैं।

विमानन और सांस्कृतिक विकास

  • बिलासपुर एयरपोर्ट के उन्नयन के साथ रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में सुविधाओं का विस्तार।
  • सीजी वायु योजना के तहत हवाई सेवाओं का विस्तार।
  • रायपुर साहित्य उत्सव और प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों से प्रदेश की पहचान को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मजबूत बजट प्रबंधन, पारदर्शिता और जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

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