डिजिटल ठगी के खिलाफ बड़ा संदेश: “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” का आज भव्य विमोचन, SSP खुद निभाएंगे पीड़ित की भूमिका

जशपुर में आज होगा भव्य कार्यक्रम, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी रहेंगी मुख्य अतिथि
रायगढ़, 3 अप्रैल। तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की बहुप्रतीक्षित शॉर्ट फिल्म “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” का 4 अप्रैल को जशपुर के विशिष्ट कम्युनिटी हॉल में रात्रि 8 बजे भव्य विमोचन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
पुलिसिंग से आगे बढ़कर समाज के लिए पहल, SSP का अनोखा प्रयास
शशि मोहन सिंह ने एक पुलिस अधिकारी की भूमिका से आगे बढ़ते हुए समाज के ज्वलंत मुद्दे साइबर अपराध को रचनात्मक माध्यम से उठाया है। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक संदेश देने वाली पहल है, जो आम नागरिकों को डिजिटल खतरों के प्रति सतर्क करने का प्रयास करती है।
साइबर अपराध की असलियत उजागर, कैसे जाल में फंसाते हैं ठग
फिल्म में ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया स्कैम, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए ठगी जैसे मामलों को वास्तविक घटनाओं के आधार पर दिखाया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि कैसे अपराधी खुद को पुलिस, बैंक, आरबीआई, सीबीआई या साइबर सेल का अधिकारी बताकर लोगों में भय पैदा करते हैं और ठगी को अंजाम देते हैं।
खुद SSP बने पीड़ित शिक्षक, आम आदमी की कहानी को देंगे आवाज
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शशि मोहन सिंह स्वयं एक स्कूल शिक्षक की भूमिका निभा रहे हैं, जो साइबर ठगी का शिकार बनता है। यह किरदार आम नागरिक की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है, जिससे दर्शक सीधे जुड़ाव महसूस करेंगे।
छोटी लापरवाही, बड़ा नुकसान: फिल्म बताएगी बचाव के आसान तरीके
फिल्म में यह सशक्त संदेश दिया गया है कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, ओटीपी साझा करना, स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन का उपयोग करना या जल्दबाजी में निर्णय लेना किस तरह बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकता है। साथ ही डिजिटल सुरक्षा के सरल और प्रभावी उपाय भी दर्शाए गए हैं।
स्थानीय कलाकारों को मिला मंच, कई जिलों के चेहरे आएंगे नजर
फिल्म में रायपुर, दुर्ग, कोरबा और जशपुर के स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है। प्रमुख कलाकारों में आरवी सिन्हा, दीपा महंत, राम प्रकाश पाण्डेय, ऋभु समर्थ सिंह, कुंदन सिंह, प्रवीण अग्रवाल, विजय सिंह राजपूत, अंकित पांडे, आकर्ष, मनीषा और वंशिका गुप्ता शामिल हैं। यह पहल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ समाज को जागरूक करने का माध्यम भी बन रही है।
मजबूत तकनीकी टीम और पेशेवर निर्माण
फिल्म का निर्माण टेक 3 स्टूडियोज द्वारा किया गया है। छायांकन अनुज कुमार ने किया है। पटकथा तोरण राजपूत और संवाद घनश्याम द्वारा लिखे गए हैं। कैमरा सहायक परमेश्वर नाग, मेकअप आर्टिस्ट वर्षा सोनी और सहायक सुचिता भगत का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
पुलिस की कार्यप्रणाली को भी दिखाया गया, भरोसा बढ़ाने की कोशिश
फिल्म में छत्तीसगढ़ पुलिस और साइबर सेल की कार्यप्रणाली, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और त्वरित कार्रवाई को वास्तविक रूप में प्रस्तुत किया गया है, ताकि आम नागरिकों में विश्वास बढ़े और वे समय रहते मदद ले सकें।
संदेश साफ: डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
शशि मोहन सिंह ने कहा कि साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे में लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फिल्म लोगों को सचेत करने और उन्हें ठगी से बचाने के उद्देश्य से बनाई गई है।
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जशपुर में 4 अप्रैल को एसएसपी शशि मोहन सिंह की शॉर्ट फिल्म “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” का भव्य विमोचन होगा। यह फिल्म साइबर फ्रॉड और डिजिटल अपराधों पर आधारित है, जिसमें SSP खुद मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।






