बलौदाबाजार में 45 साल पुराने मकान पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण बताकर कार्रवाई से ग्रामीणों में नाराजगी

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी तहसील के ग्राम गिर्रा में एक बुजुर्ग के साथ कथित अन्याय का मामला सामने आया है। गांव में करीब 45 साल से आबादी भूमि पर निवास कर रहे आशाराम वर्मा का मकान अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया गया, वहीं अब उसी जमीन पर गांव के कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित न्याय के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम गिर्रा निवासी आशाराम वर्मा पिता मोती राम वर्मा ने 7 मई 2026 को SDM पलारी को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि वे ग्राम गिर्रा के खसरा नंबर 49/4, रकबा 0.057 हेक्टेयर आबादी भूमि पर पिछले लगभग 45 वर्षों से कोठार बनाकर निवास कर रहे थे।
पीड़ित ने पंचायत द्वारा मकान तोड़ने का लगाया आरोप
आशाराम वर्मा का आरोप है कि 14 दिसंबर 2025 को बस्ती पंचायत द्वारा उनका मकान तोड़ दिया गया। इसके बाद उन्होंने मवेशियों के चारे और लकड़ी की सुरक्षा के लिए वहां घेरा बना लिया था। लेकिन 3 मई 2026 को गांव के ही राजाराम यादव, पुरुषोत्तम यादव और रमेश फेकर द्वारा JCB मशीन लाकर घेरा और सामान को हटाते हुए जमीन पर तार फेंसिंग कर कब्जा कर लिया गया। पीड़ित ने बताया कि जब इस संबंध में सरपंच से चर्चा की गई तो उन्हें कहा गया कि जमीन पर तोड़फोड़ नहीं करने का प्रस्ताव तहसील कार्यालय भेजा गया है, बावजूद इसके कार्रवाई कर दी गई।
पीड़ित ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2007-08 में गांव के लोगों को आबादी भूमि का वितरण किया गया था, लेकिन 18 साल बाद अचानक बिना पूर्व सूचना के उनका मकान गिरा दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत से इस संबंध में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया। आशाराम वर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि जमीन पर किए गए तार घेरा को हटाया जाए तथा मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शिकायत पर SDM कार्यालय पलारी में आवक क्रमांक 6751/26 दर्ज किया गया है।






