छत्तीसगढ़

CG Doctor Drunk: केशकाल अस्पताल में डॉक्टर पर शराब के नशे में ड्यूटी का आरोप, मरीज का इलाज करने से किया इंकार, मीडिया और पुलिस से भी उलझा, जांच शुरू

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कोंडागांव के केशकाल अस्पताल में डॉक्टर शैलेंद्र भोयर पर शराब के नशे में ड्यूटी करने, मरीज का इलाज नहीं करने, मीडिया और पुलिस से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। वीडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू हो गई है।

CG Doctor Drunk: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के केशकाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक डॉक्टर का कथित तौर पर शराब के नशे में अस्पताल में हंगामा करने का मामला सामने आया है। डॉक्टर पर आरोप है कि उसने न केवल मरीज का इलाज करने से इंकार कर दिया, बल्कि मरीज के परिजनों, मीडिया कर्मियों और पुलिसकर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। मरीज के परिजनों की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

इलाज कराने पहुंचे मरीज के परिजनों से विवाद
जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केशकाल में पदस्थ डॉक्टर शैलेंद्र भोयर (37) बुधवार को कथित रूप से नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंचे थे। मरीज के बेटे वसीम मेमन अपने बीमार पिता का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टर से मरीज को देखने का आग्रह किया तो डॉक्टर भड़क गए और इलाज करने से मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट करने तक की कोशिश की। इसके बाद मामले की सूचना स्थानीय मीडिया और केशकाल बीएमओ डॉ. डीके बिसेन को दी गई।

मीडिया कर्मियों और पुलिस से भी उलझा डॉक्टर
घटना की जानकारी मिलने पर मीडिया कर्मी अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर का व्यवहार और अधिक विवादित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डॉक्टर ने कैमरे के सामने मीडिया कर्मियों से हाथापाई करने और कैमरा तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और डॉक्टर को हिरासत में लेकर थाने ले गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान भी डॉक्टर पुलिसकर्मियों से बहस करता रहा और उनके कब्जे से छूटने की कोशिश करता नजर आया। मरीज के बेटे वसीम मेमन ने डॉक्टर के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

अस्पताल स्टाफ ने भी लगाए गंभीर आरोप
मामले में अस्पताल की स्टाफ नर्स कांति मंडावी का बयान भी सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टर भोयर अक्सर शराब के नशे में अस्पताल पहुंचते हैं। कई बार उन्हें समझाने का प्रयास किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई, लेकिन उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। नर्स के अनुसार पहले भी मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से मरीजों का भरोसा प्रभावित होता है और स्वास्थ्य सेवाओं की छवि खराब होती है।

पहले भी जारी हो चुका था नोटिस
केशकाल बीएमओ डॉ. डीके बिसेन ने बताया कि डॉक्टर भोयर के खिलाफ पहले भी शराब के नशे में ड्यूटी करने की शिकायतें मिली थीं। विभाग की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन कोई सुधार देखने को नहीं मिला। वायरल वीडियो और नई शिकायत के बाद पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। बीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग मामले को गंभीरता से ले रहा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और स्वस्थ्य विभाग दोनों स्तर पर जांच जारी है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
सरकारी अस्पताल में डॉक्टर पर लगे इस तरह के आरोपों ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से डॉक्टरों और संसाधनों की कमी की शिकायतें रहती हैं। ऐसे में यदि मरीजों को इलाज के बजाय दुर्व्यवहार का सामना करना पड़े तो लोगों का भरोसा कमजोर होता है। वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो डॉक्टर के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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