रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती, 47 लाख के आधुनिक उपकरणों की खरीद को मंजूरी

रायगढ़, 18 जून। रायगढ़ स्थित स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक आधुनिक तथा जनोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ आरोग्य चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान समिति की प्रबंधकारिणी स्वशासी समिति की बैठक में मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक की अध्यक्षता संभागायुक्त एवं समिति अध्यक्ष सुनील जैन ने की। बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार, संयुक्त संचालक सह चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दुर्गा शंकर पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
आधुनिक उपकरणों से मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज
बैठक में स्वशासी मद से लगभग 47 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। इनमें पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, एबीजी मशीन, डिजिटल रेडियोग्राफी सिस्टम, पुवा चैम्बर, ट्रांसक्यूटेनियस बिलीरुबिनोमीटर, ऑर्थोपेडिक ड्रिल मशीन, हार्मोनल जांच मशीन और डेंटल चेयर शामिल हैं।
इन उपकरणों की उपलब्धता से मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उन्नत जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी। इससे गंभीर मरीजों को अन्य शहरों में रेफर करने की आवश्यकता भी कम होगी।
मानव संसाधन बढ़ाने पर भी जोर
अस्पताल संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता पर भी विशेष जोर दिया गया। समिति ने रेडियोग्राफर, ईसीजी टेक्नीशियन, पम्प अटेंडेंट, पैकर और धोबी जैसे आवश्यक पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया। इससे मरीजों को समयबद्ध और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
बिजली व्यवस्था और ट्रांजिट हॉस्टल उन्नयन का फैसला
मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थापित 33/0.415 केव्ही उच्च दाब विद्युत सबस्टेशन के रखरखाव और सुचारू संचालन पर भी चर्चा हुई। संबंधित एजेंसियों को मरम्मत और वार्षिक अनुरक्षण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में आने वाले बाह्य एवं आंतरिक परीक्षकों तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल उन्नयन का भी निर्णय लिया गया। हॉस्टल में फर्नीचर, एसी, गीजर, किचन सामग्री और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए लगभग 13 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।







