रायगढ़ में बाइक चोरी रैकेट का पर्दाफाश: फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने वाला गिरोह गिरफ्तार, 25 बाइक और लैपटॉप जब्त

रायगढ़। जिले में बाइक चोरी कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। (Who) पूंजीपथरा और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। (What) पुलिस ने गिरोह के पास से 25 चोरी की बाइक, एक लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 16 लाख रुपये आंकी गई है।
संदिग्ध की गिरफ्तारी से खुला पूरा नेटवर्क
जांच की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने ग्राम रूड़ेकेला निवासी मुकेश प्रधान को दो चोरी की बाइक के साथ पकड़ा। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि बाइक उसने लैलूंगा निवासी पुरुषोत्तम प्रधान से खरीदी थी, जो ऑटो डीलर में काम करता है। आगे की पूछताछ में सामने आया कि पुरुषोत्तम प्रधान अपने साथियों—श्याम ऑटो डीलर के मैनेजर चंद्रकुमार यादव और इरशान खान—के साथ मिलकर चोरी की बाइक खरीदता और बेचता था।
25 बाइक चोरी की कबूलनामा
(Who/What) गिरोह के मुख्य आरोपी मुकेश चौहान को हिरासत में लेने पर उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी विकेश दास महंत (वर्तमान में जेल में बंद) के साथ मिलकर पूंजीपथरा, तमनार, घरघोड़ा और रायगढ़ के बाजार क्षेत्रों से करीब 25 बाइक चोरी की हैं। इनमें अधिकांश डीलक्स श्रेणी की बाइक शामिल हैं।
फर्जी आरसी और रजिस्ट्रेशन का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी की बाइक बेचते समय पकड़े जाने के डर से गिरोह ने ऑटो डीलर मैनेजर चंद्रकुमार यादव के जरिए लोक सेवा केंद्र संचालक अजय पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर संजय अगरिया को नेटवर्क में शामिल किया। अजय पटेल चोरी की बाइक के चेचिस नंबर से असली वाहन मालिक की जानकारी निकालता, फिर कंप्यूटर पर हेरफेर कर हूबहू फर्जी आरसी तैयार करता था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अब तक आठ बाइक कोतबा के ऑटो डीलर को बेची जा चुकी थीं, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है।
फर्जी हस्ताक्षर से ग्राहकों को किया जाता था गुमराह
पुलिस के अनुसार ट्रांसफर कार्ड पर फर्जी हस्ताक्षर कर डीलरों और आम खरीदारों को यह भरोसा दिलाया जाता था कि बाइक वैध है। इसी वजह से लोग आसानी से खरीदारी कर लेते थे। कार्रवाई के दौरान अजय पटेल के कब्जे से लैपटॉप, प्रिंटर और पीवीसी कार्ड जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
मुकेश चौहान उर्फ नान्ही (25), ग्राम भकुर्रा, थाना लैलूंगा – 3 बाइक
चंद्रकुमार यादव (26), ग्राम सरडेगा, लैलूंगा, ऑटो डीलर मैनेजर – 5 बाइक
पुरुषोत्तम प्रधान (30), ग्राम मुडागांव, लैलूंगा, ऑटो डीलर कैश मैनेजर – 4 बाइक
मुकेश प्रधान (40), ग्राम रूड़ेकेला – 2 बाइक
इरशाद खान (23), ग्राम करवारजोर – 3 बाइक
अजय पटेल (27), ग्राम चारभांठा, भूपदेवपुर – लैपटॉप व प्रिंटर
संजय अगरिया, लोक सेवा केंद्र कंप्यूटर ऑपरेटर, की भूमिका की जांच जारी है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चोरी के वाहनों और फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में सक्रिय ऐसे सभी गिरोहों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।












