राज्य

विवादित जिला शिक्षा अधिकारी श्रीवास्तव के बिगड़े बोल…कहा जिन पालकों की हैसियत नही है वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं,क्या जरूरत है निजी स्कूलों में पढ़ाने की…??

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सिंहघोष/रायगढ़:- एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन और शिक्षा विभाग प्रदेश के अधिकांश अभिभावकों की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को देखकर निजी और सरकारी स्कूलों की फीस में राहत देने का प्रयास कर रहे हैं। दो दूसरी तरफ कुछ लालची और असंवेदनशील निजी स्कूल प्रबंधन के लोग शासन के इस प्रयास से इतर पालकों की जेब ढीली करने के लगी है।। उसने तमाम नियम कायदों से हटकर अभिभावकों
को मोबाइल या दूसरे माध्यमो से स्कूल फीस जमा करने का मैसेज भेजना शुरू कर दिया है।। कुछ निजी स्कूल प्रबंधन के लोग बकायदा फोन ट्यूशन फीस की मांग कर रहे है।।।

शहर में लाक ड़ाऊन के दौरान ऐसे ही एक निजी स्कूल प्रबन्धन के द्वारा अभिभावकों को मैसेज भेज कर फीस जमा करने का दबाव बनाये जाने के मामले को लेकर कुछ मीडिया कर्मी जिला शिक्षा अधिकारी से बात करने गए तो जिला शिक्षा अधिकारी मणीन्द्र श्रीवास्तव तो पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अचानक अमर्यादित शैली में निजी स्कूलों के पक्ष में ऐसी बातें बोल डाली जो उनकी ओढ़ की गरिमा के अनुरूप कतई नही था।।

आइये जाने क्या कहा जिला शिक्षा अधिकारी ने..

पत्रकारों ने सवाल किया कि जिस तरह बीते तीन महीनों की बन्दी में अभिभावकों की आर्थिक स्थिति बिगड़ी है उस हिसाब से बहुत से अभिभावक निजी स्कूलों की फीस भर पाने में सक्षम नही है,उनके लिए विभाग ने कुछ सोंचा है.?

इस पर जिला शिक्षा अधिकारी मणीन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि अगर अभिभावक सक्षम नही है तो वो अपने बच्चों को अपनी हैसियत से बढ़कर निजी स्कूलों में क्यों पड़ा रहे है.? उन्हें अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजना चाहिए। अब जब बड़े स्कूलों में पढ़ा रहे है तो फीस तो देना ही पड़ेगा.

हालांकि इसके पूर्व के सवालों का जिला शिक्षा अधिकारी श्रीवास्तव ने ठीक ठाक जवाब दिया और कहा कि फीस के सम्बंध में अभी अगले आदेश तक जिले का कोई स्कूल प्रबंधन बच्चो से फीस की डिमांड नही करेगा।। फीस तो पालकों को देना ही पड़ेगा पर किश्तों में वो फीस जमा कर सकेंगे।। इधर लाकडाऊन के बीच अगर किसी स्कूल प्रबंधन ने बच्चों से फीस की डिमांड की है और उनकी शिकायत मिलते ही विभाग द्वारा उचित कार्यवाही की जाएगी.

बहरहाल जिला शिक्षा अधिकारी के बयान को लेकर पत्रकारों ने कलेक्टर रायगढ भीम सिंह की प्रतिक्रिया लेनी चाहिए तो उन्होंने deo के बयान पर खेद जताते हुए शिक्षा विभाग से जानकारी मंगाने की बात कही.

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