रायगढ़

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण जरूरी, विपक्ष भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा कर रहा : ओपी चौधरी

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रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ने कहा—मृत मतदाताओं के नाम हटाने और फर्जी मतदान रोकने के लिए जरूरी है प्रक्रिया, दावा-आपत्ति के बाद ही अंतिम सूची का प्रकाशन

रायगढ़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक स्वाभाविक और आवश्यक प्रक्रिया है, जो आजादी के बाद से समय-समय पर होती रही है। लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन रहना बेहद जरूरी है।

मृत मतदाताओं के नाम हटाने और फर्जी मतदान रोकने पर जोर

ओपी चौधरी ने कहा कि समय के साथ कई मतदाताओं की मृत्यु हो जाती है, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची में बने रह सकते हैं। ऐसी स्थिति में गलत लोग इन नामों का दुरुपयोग कर फर्जी मतदान करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में गलत जानकारी देकर नाम मतदाता सूची में जुड़वाए जाने की आशंका रहती है। ऐसी गड़बड़ियों को रोकने और मतदाता सूची को शुद्ध बनाए रखने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण जरूरी है।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में मतदाता सूची जितनी शुद्ध होगी, चुनावी प्रक्रिया उतनी ही निष्पक्ष और विश्वसनीय बनेगी। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया पहले भी होती रही है और कांग्रेस के शासनकाल में भी मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जाता रहा है।

पुनरीक्षण की प्रक्रिया को बताया पारदर्शी

वित्त मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रहती है। बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता प्रक्रिया से जुड़े होते हैं। बैठकों में राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया जाता है और सूची के प्रकाशन के बाद दावे तथा आपत्तियां दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय दिया जाता है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाती है।

ओपी चौधरी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सूची की डिजिटल प्रति उपलब्ध कराने की बात भी कही है, ताकि राजनीतिक दल और संबंधित लोग नामों की जांच कर सकें। उन्होंने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत संचालित होती है।

वोट कटने पर नाम जुड़वाने का विकल्प मौजूद

ओपी चौधरी ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूट जाता है, तो उसे दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध है। पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपनी प्रविष्टियों की जांच करें और नाम छूटने की स्थिति में समय रहते आवेदन करें।

विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप

विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी चौधरी ने आरोप लगाया कि विपक्ष मतदाता पुनरीक्षण को लेकर भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने विदेशी ताकतों की भूमिका का भी आरोप लगाया और कहा कि ऐसे प्रयासों के प्रति लोगों को सतर्क रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उन्हें कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में काम करने का अनुभव रहा है। उनके अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और निगरानी के तहत होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों को सफल नहीं होने देगी।

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