छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य, 31 अक्टूबर तक पूरे करने होंगे दो पाठ्यक्रम

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए निर्देश, राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारी-कर्मचारी होंगे शामिल; तनाव प्रबंधन, ध्यान और योग निद्रा का दिया जाएगा प्रशिक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को 31 अक्टूबर 2026 तक आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर निर्धारित दो पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। इस आदेश के दायरे में राजपत्रित और अराजपत्रित, दोनों श्रेणियों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
तनाव प्रबंधन और योग निद्रा का प्रशिक्षण जरूरी
अक्टूबर महीने के लिए निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन तथा ध्यान और योग निद्रा के माध्यम से तनाव प्रबंधन से संबंधित दो पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। ये पाठ्यक्रम केंद्र सरकार के मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संचालित किए जा रहे हैं।
इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य कर्मचारियों को कार्यस्थल पर तनाव से निपटने के तरीके सिखाना, मानसिक एकाग्रता बढ़ाना और कामकाज के दौरान बेहतर संतुलन बनाए रखने में सहायता करना है।
सभी विभागों को निर्देश जारी
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। संबंधित अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रशिक्षण पूरा कराना सुनिश्चित करना होगा।
कार्यक्षमता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर
मिशन कर्मयोगी के तहत संचालित इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सुधार करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन, ध्यान और योग निद्रा से जुड़ी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे कार्यस्थल पर बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।
31 अक्टूबर तक पूरा करना होगा प्रशिक्षण
सरकारी निर्देश के मुताबिक, सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को 31 अक्टूबर 2026 तक दोनों पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि निर्धारित समयसीमा में प्रशिक्षण पूरा कराया जाए।






