मां श्रीदेवी के निधन के बाद जान्हवी कपूर के साथ खड़े रहे शिखर पहाड़िया, मुश्किल वक्त में लंदन से मुंबई आ गए थे

‘कॉफी विद करण’ में अपने रिश्ते और जिंदगी के मुश्किल दौर पर बात करेंगी जान्हवी कपूर, बताया शिखर ने उनके करीब रहने के लिए बदले थे अपने फैसले
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म निर्माता करण जौहर के लोकप्रिय चैट शो ‘कॉफी विद करण’ में जान्हवी कपूर अपनी फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ के सह-कलाकार वरुण धवन के साथ नजर आएंगी। शो के दौरान वह शिखर पहाड़िया के साथ अपने रिश्ते और मां श्रीदेवी के निधन के बाद मिले भावनात्मक सहारे को लेकर खुलकर बात करती दिखाई देंगी।
जान्हवी ने बताया कि मां श्रीदेवी के निधन के बाद जब वह मुश्किल दौर से गुजर रही थीं, तब शिखर पहाड़िया उनके करीब रहने के लिए अपनी जिंदगी में कई बदलाव करने को तैयार थे। उस समय शिखर लंदन में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन उन्होंने कुछ समय के लिए पढ़ाई से दूरी बनाई और मुंबई आ गए, ताकि जरूरत पड़ने पर जान्हवी के आसपास रह सकें।
जान्हवी ने बताया, शिखर ने क्यों लिया था मुंबई आने का फैसला
शो के दौरान करण जौहर कथित तौर पर जान्हवी से शिखर के साथ उनके रिश्ते को लेकर सवाल करते हैं। वह उनसे पूछते हैं कि क्या उन्हें पहले से ही पता था कि शिखर ही उनके जीवनसाथी बनेंगे। इस बातचीत में जान्हवी अपनी जिंदगी के उस दौर को याद करती हैं, जब उन्हें भावनात्मक सहारे की जरूरत थी।
जान्हवी के मुताबिक, शिखर उस समय लंदन में पढ़ाई कर रहे थे और उन्होंने लगभग आधे सेमेस्टर की छुट्टी ले ली थी। इसके बाद वह मुंबई आ गए और अपने पिता के साथ शहर में रहने लगे। बाद में जान्हवी को पता चला कि शिखर करीब एक महीने तक जुहू में अपने एक दोस्त के घर भी रहे थे।
जान्हवी ने बताया कि उस समय ऐसा नहीं था कि वह और शिखर रोज मिलते थे। शिखर का मकसद सिर्फ इतना था कि अगर उन्हें कभी उनकी जरूरत पड़े, तो वह आसपास मौजूद रहें। जान्हवी के इस खुलासे से मुश्किल वक्त में मिले उनके साथ और भावनात्मक समर्थन की अहमियत सामने आती है।
शिखर और जान्हवी के रिश्ते को लेकर होती रही है चर्चा
शिखर पहाड़िया और जान्हवी कपूर के रिश्ते को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। दोनों को कई बार पारिवारिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक समारोहों में साथ देखा गया है। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनकी साथ मौजूदगी अक्सर सुर्खियों में रहती है।
‘कॉफी विद करण’ में जान्हवी की यह बातचीत उनके निजी जीवन के एक भावुक पहलू को सामने लाती है। मां श्रीदेवी के निधन के बाद के कठिन समय में शिखर का उनके करीब रहने का फैसला इस बात को रेखांकित करता है कि जीवन के मुश्किल दौर में किसी अपने का साथ कितना मायने रखता है।






