छत्तीसगढ़

चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन को मंजूरी, छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर, 17 जून 2026। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को ₹755 करोड़ की मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है।


“छत्तीसगढ़ के विकास की बड़ी उपलब्धि” – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया।


यात्री सुविधाओं में होगा सुधार

परियोजना पूरी होने के बाद:

  • ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी
  • परिचालन बाधाएं कम होंगी
  • अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग खुलेगा
  • यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सेवा मिलेगी

कोयला परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बल

चांपा-कोरबा रेल खंड कोयला परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह खदानों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली अहम कड़ी है।
इससे SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) और MCL (महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड) की कोयला ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना:

  • उद्योगों को मजबूती देगी
  • निवेश को आकर्षित करेगी
  • व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाएगी
  • रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी

कोरबा और जांजगीर-चांपा जैसे क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी इससे गति मिलेगी।


रेल अधोसंरचना में तेजी से विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में रेल विकास के लिए 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं।
2014 के बाद छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क 1100 रूट किलोमीटर से बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर से अधिक हो गया है।


अमृत भारत स्टेशन योजना से आधुनिक स्टेशन

प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,680 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश की ऊर्जा और लॉजिस्टिक क्षमता को भी मजबूत करेगी। यह कदम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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