फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की पीएम मोदी ने की तारीफ, बोले- भारत को आप पर गर्व है

दुबई-तेल अवीव उड़ान में कॉकपिट के अंदर हुआ विवाद, घायल होने के बावजूद कैप्टन ने खोला दरवाजा; विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया
नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में बुधवार को उस समय गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जब कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार और सह-पायलट के बीच विवाद के दौरान कैप्टन पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों को हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। घटना की जांच जारी है।
पीएम मोदी ने कैप्टन मच्छार को बताया हीरो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि गंभीर खतरे के बीच खुद घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बचाने और बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली। उन्होंने कैप्टन मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत को उन पर गर्व है।
फ्लाइट में आखिर हुआ क्या था?
रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच विवाद हुआ और सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला किया।
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में तेजी से कमी आने की भी रिपोर्ट सामने आई। गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भूमिका निभाई, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को अंदर पहुंचकर स्थिति संभालने का अवसर मिला।
यात्रियों और अन्य पायलटों ने संभाला मोर्चा
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद विमान में मौजूद कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू किया। रिपोर्टों के अनुसार, विमान में यात्रा कर रहे कुछ अन्य पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
विमान में कुल 174 यात्री सवार थे। घटना के बाद कैप्टन मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनका उपचार तबूक में चल रहा है।
नेतन्याहू ने भी की भारतीय पायलट की तारीफ
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे यात्रियों और क्रू को हमलावर पर काबू पाने का मौका मिला।
नेतन्याहू ने उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना भी की।
स्पाइसजेट में भी कर चुके हैं काम
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक कैप्टन स्मित मच्छार जून 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े थे। इससे पहले उन्होंने करीब 11 साल तक स्पाइसजेट में काम किया। रिपोर्टों में उनके पास लगभग 9,750 घंटे का उड़ान अनुभव होने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल घटना से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के कारण और कॉकपिट में हुई घटनाओं की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।






