छत्तीसगढ़

रायपुर में 11 मेडिकल स्टोर्स की जांच, चार दुकानों के रिकॉर्ड में मिली अनियमितता

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एनसीबी और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू

रायपुर। दवाओं के संभावित दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने राजधानी रायपुर में मेडिकल स्टोर्स की जांच की। शुक्रवार को जिले के अलग-अलग इलाकों में 11 मेडिकल दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान चार दुकानों में दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड के रखरखाव में अनियमितताएं सामने आईं। संबंधित फर्मों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

चार मेडिकल स्टोर्स के अभिलेखों में मिली गड़बड़ी

संयुक्त जांच दल ने निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर्स में दवाओं के स्टॉक, खरीद के बिल और बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान चार दुकानों के रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं। इनमें शामिल हैं—

  • सर मेडिकल्स, भनपुरी
  • श्री राम मेडिकल स्टोर्स, कोटा
  • लक्ष्मी मेडिकल शॉप, संतोषी नगर
  • मां लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स, कुकुरबेड़ा

विभागीय प्रक्रिया के तहत संबंधित दुकानों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानने की तैयारी की जा रही है। संचालकों से प्राप्त जवाब और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए अभियान

मेडिकल स्टोर्स में संयुक्त निरीक्षण का उद्देश्य ऐसी दवाओं की खरीद, बिक्री और वितरण पर निगरानी रखना है, जिनका नशीले पदार्थों के रूप में दुरुपयोग होने की आशंका रहती है। अभियान के दौरान अधिकारियों ने दवाओं के स्टॉक, खरीद-बिक्री के बिल, आवश्यक अभिलेखों और भंडारण व्यवस्था की जांच की।

टीम ने यह भी देखा कि मेडिकल स्टोर्स में दवाओं की खरीद अधिकृत स्रोतों से की जा रही है या नहीं और संबंधित नियमों के अनुरूप जरूरी दस्तावेजों का रखरखाव किया जा रहा है या नहीं। इस तरह के निरीक्षण का उद्देश्य दवाओं की आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना है।

अवैध बिक्री की पुष्टि नहीं, जांच के बाद तय होगी कार्रवाई

निरीक्षण से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चारों मेडिकल स्टोर्स में दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड के रखरखाव में अनियमितताएं सामने आई हैं। हालांकि, इन दुकानों में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री या अवैध भंडारण की पुष्टि होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल मामला अभिलेखों में पाई गई गड़बड़ियों से संबंधित है। संबंधित संचालकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। दस्तावेजों की जांच और जवाब के परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का किस स्तर तक उल्लंघन हुआ है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

नौ अधिकारियों की संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण

जांच अभियान में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पांच अधिकारी शामिल रहे। इनमें औषधि निरीक्षक डॉ. सुरेश कुमार साहू, ईश्वरी नारायण सिंह, लक्ष्मी वर्मा, हंसा साहू और ओम प्रकाश यादव शामिल थे। इनके अलावा स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के चार अधिकारियों ने भी निरीक्षण में हिस्सा लिया।

संयुक्त टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण कर दवाओं के स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया। अभियान के जरिए दवाओं की खरीद-बिक्री में निर्धारित नियमों के पालन की जांच की गई। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित दुकानों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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