दीपावली से पहले औद्योगिक प्रदूषण पर बढ़ी चिंता, शिव शक्ति स्टील प्लांट के धुएं और धूल से ग्रामीण परेशान

रायगढ़। दीपावली से पहले रायगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। ग्रामीणों ने शिव शक्ति स्टील प्लांट से निकलने वाले काले धुएं और उड़ती धूल से आसपास के वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ने की शिकायत की है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों पर उड़ने वाली बारीक धूल से राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। धूल आंखों में जाने और सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सड़क पर धूल का गुबार छाने से वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है, वहीं दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
पेड़-पौधों पर जम रही काली धूल, फसलों को लेकर भी चिंता
ग्रामीणों का दावा है कि प्लांट के आसपास पेड़-पौधों की पत्तियों पर काली धूल जम रही है। इससे क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों को भी फसलों पर औद्योगिक धूल जमने से संभावित नुकसान की चिंता सता रही है। हालांकि, प्रदूषण के वास्तविक स्तर और फसलों पर उसके प्रभाव की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी है।
जांच और कार्रवाई की मांग
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर संबंधित विभागों और जिला प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी राहत नहीं मिली है। उन्होंने पर्यावरण विभाग और प्रशासन से प्लांट के उत्सर्जन, आसपास उड़ने वाली धूल और वायु गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्लांट में लगे प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थिति की जांच करने तथा चिमनियों से निकलने वाले धुएं और उत्सर्जन की निगरानी कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि जांच में पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित इकाई के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।






