रायगढ़

जीएसटी ने बदला देश का टैक्स सिस्टम, कारोबार हुआ आसान: ओपी चौधरी

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वित्त मंत्री बोले—17 तरह के टैक्स और 23 प्रकार के सेस से मिली मुक्ति, एआई टूल्स से टैक्स प्रैक्टिस बनेगी अधिक तेज और पारदर्शी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जीएसटी को देश का सबसे बड़ा कर सुधार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने भारत के टैक्स स्ट्रक्चर में व्यापक बदलाव किया है। इससे कारोबारियों को अलग-अलग कर व्यवस्थाओं की जटिलताओं से राहत मिली है और कर प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक सरल हुई हैं।

जीएसटी को लेकर आयोजित एक विशेष कार्यशाला में शामिल होने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले देश में 17 प्रकार के टैक्स और 23 प्रकार के सेस लगाए जाते थे। इससे कारोबारियों को अलग-अलग कर व्यवस्थाओं को समझने और उनका पालन करने में परेशानी होती थी। जीएसटी ने इस व्यवस्था को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जीएसटी के तीन बड़े फायदे गिनाए

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जीएसटी के तीन प्रमुख लाभों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कर प्रक्रियाएं सरल हुई हैं, कारोबार को राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत बाजार मिला है और भारतीय उद्यमियों के लिए वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के अवसर बढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि पहले अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कर कानून और व्यवस्थाएं होने से कारोबारियों को कई तरह की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। जीएसटी के तहत एकीकृत कर व्यवस्था ने कारोबार करना आसान बनाया है। इससे कर अनुपालन की प्रक्रिया को सरल बनाने और कारोबारियों की परेशानियां कम करने में मदद मिली है।

भारतीय कारोबारियों को वैश्विक बाजार में अवसर

ओपी चौधरी ने कहा कि जीएसटी ने भारतीय कारोबारियों को वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति शृंखला में प्रतिस्पर्धा करने के अवसर उपलब्ध कराने में योगदान दिया है। भारतीय उद्यमी अब निर्यात बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और वैश्विक कारोबार में बेहतर भागीदारी की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लिए देश को एक सरल, व्यवस्थित और प्रभावी कर संरचना की आवश्यकता है। जीएसटी इसी दिशा में महत्वपूर्ण सुधार है, जो भारत की आर्थिक प्रगति को गति देने में सहायक हो सकता है।

एआई टूल्स से टैक्स प्रैक्टिस को बेहतर बनाने पर जोर

कार्यशाला में बार एसोसिएशन से जुड़े टैक्स प्रैक्टिशनर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स की जानकारी देने के लिए तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया। वित्त मंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर टैक्स प्रैक्टिस को अधिक तेज, प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कर व्यवस्था से जुड़े पेशेवरों के लिए नई तकनीकों को समझना और उन्हें अपने काम में अपनाना समय की जरूरत है। एआई टूल्स के उपयोग से कर संबंधी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के साथ कामकाज की दक्षता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

सरकार और कारोबारियों के बीच अहम कड़ी हैं टैक्स विशेषज्ञ

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा राज्य है। ऐसे में सरकार और कारोबारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में बार एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों और टैक्स विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ये पेशेवर कारोबारियों को कर नियमों की जानकारी देने, अनुपालन में सहायता करने और सरकार की नीतियों को समझने में मदद करते हैं।

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