छत्तीसगढ़ के चार शहरों में दौड़ेंगी 240 पीएम ई-बसें, रायपुर में 100 तो बिलासपुर में 50 बसों की तैयारी

रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा; मोबाइल ऐप से मिलेगी लाइव लोकेशन, UPI से कर सकेंगे भुगतान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। इन बसों में यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग, लाइव लोकेशन और आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं मिलेंगी। चारों शहरों में बसों के रूट और स्टॉपेज निर्धारित किए जा चुके हैं।
रायपुर में 100 ई-बसें चलाने की तैयारी
योजना के तहत रायपुर में 100 ई-बसें चलाने का प्रस्ताव है। इसके लिए जरवाय में आधुनिक बस डिपो और चार्जिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां बसों के रखरखाव के लिए ई-बस टर्मिनल और केंद्रीय डिपो कॉम्प्लेक्स का निर्माण जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूरा हुआ है।
वहीं, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में संबंधित कार्यों की प्रगति 80 से 90 प्रतिशत तक बताई गई है। योजना के तहत इन तीनों शहरों में 50-50 बसें चलाने की तैयारी है।
बिलासपुर में नवंबर से शुरू हो सकता है संचालन
बिलासपुर नगर निगम ने 50 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी तेज कर दी है। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, नवंबर तक 20 बसें और दिसंबर तक सभी 50 बसें शुरू करने की योजना है। बेड़े में 35 फुल साइज और 15 मिनी बसें शामिल होंगी।
शहर की सड़कों को ध्यान में रखते हुए बसों के डिजाइन और ग्राउंड क्लीयरेंस पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
419 किलोमीटर नेटवर्क पर चलेंगी बसें
बिलासपुर में ई-बस सेवा के लिए करीब 419 किलोमीटर लंबे नेटवर्क पर 15 रूट निर्धारित किए गए हैं। इससे शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन स्थलों तक आवागमन आसान बनाने की योजना है। रतनपुर, खूंटाघाट, कोटा, कानन पेंडारी और तखतपुर जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
नगर निगम के ई-बस नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी के अनुसार, पूरी तरह चार्ज होने पर एक बस लगभग 160 किलोमीटर तक चल सकती है।
कोनी में आठ करोड़ रुपये से बन रहा डिपो
बिलासपुर के कोनी में करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से केंद्रीय ई-बस डिपो और टर्मिनल विकसित किया जा रहा है। यहां 28 फास्ट चार्जिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं, जिनसे एक साथ 28 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। चार्जिंग व्यवस्था का काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा होने की जानकारी दी गई है।
डिपो में बसों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप, बिजली आपूर्ति के लिए पावर सब-स्टेशन, कार्यालय और पार्किंग की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। पानी की बचत के लिए ट्रीटमेंट प्लांट और कर्मचारियों के विश्राम के लिए रैन बसेरा बनाने की योजना भी शामिल है।
मोबाइल ऐप से मिलेगी बस की लाइव लोकेशन
पीएम ई-बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल हैं:
- लाइव लोकेशन: मोबाइल ऐप से बस की स्थिति और पहुंचने का अनुमानित समय देख सकेंगे।
- ई-टिकटिंग: ऐप के माध्यम से टिकट बुक करने और मासिक पास बनवाने की सुविधा मिलेगी।
- UPI भुगतान: कंडक्टर की ई-टिकटिंग मशीन से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।
- डिजिटल सूचना बोर्ड: अगले स्टॉप की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में मिलेगी।
- ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट: बस के अंदर आवाज के माध्यम से अगले स्टॉप की सूचना दी जाएगी।
स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों के पास बनेंगे स्टॉपेज
चारों शहरों में यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य प्रमुख स्थानों के पास बस स्टॉपेज निर्धारित किए गए हैं। बसों के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं, कर्मचारियों और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
ई-बस सेवा शुरू होने से शहरों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने, यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक संचालन की शुरुआत निर्धारित समयसीमा और शेष तैयारियां पूरी होने पर निर्भर करेगी।






