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रायगढ़ में डायल 112 सेवा को और प्रभावी बनाने दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

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1 सितंबर से सी-डैक की मॉनिटरिंग में और तेज़ होगी आपातकालीन सेवाएं

रायगढ़। आपातकालीन सेवा डायल 112 को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस कंट्रोल रूम रायगढ़ में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला आज संपन्न हुई। भारत सरकार की इस एकीकृत सेवा में पुलिस, मेडिकल, फायर एवं अन्य आपातकालीन सेवाएं शामिल हैं। आम जनता तक इस सेवा को और अधिक सुलभ व तत्पर बनाने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।

गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार 1 सितंबर 2025 से डायल 112 की मॉनिटरिंग का कार्य सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) के माध्यम से किया जाएगा।

कार्यशाला में बताया गया कि रायगढ़ जिले को 16 नए इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) और 16 पोर्टेबल फील्ड टर्मिनल (PFT मोबाइल सेट) प्राप्त होंगे। पहले दिन जिले के 8 थाना क्षेत्रों के डायल 112 कर्मियों व वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया गया। वहीं, दूसरे दिन 6 थाना क्षेत्रों के कर्मचारियों को डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने पीएफटी डिवाइस के संचालन, आपात स्थिति में प्रतिक्रिया और कार्यवाही की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी।

इस अवसर पर रेडियो सब-इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र श्याम सहित डायल 112 स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों ने बताया कि सी-डैक की मॉनिटरिंग से डायल 112 में आ रही तकनीकी दिक्कतें काफी हद तक दूर हो जाएंगी। साथ ही, आपातकालीन कॉल पर प्रतिक्रिया पहले से और भी तेज़ व प्रभावशाली होगी।

नए वाहनों और उन्नत तकनीकी सेटअप के साथ रायगढ़ जिले में 1 सितंबर से डायल 112 सेवा जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए और मजबूत रूप में उपलब्ध होगी।

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