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सरकार सख्त—13 कर्मचारी बर्खास्त, पंचायतों को सौंपा राशन वितरण का जिम्मा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पाकस) के प्रबंधकों और ऑपरेटरों की 3 नवंबर से जारी हड़ताल का statewide असर अब गंभीर रूप ले चुका है। धान खरीदी के साथ–साथ राशन वितरण व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। राज्य की 4,500 से अधिक राशन दुकानों में से करीब 1,960 दुकानों में वितरण पूरी तरह बंद हो गया है।

सरकार सख्त, कलेक्टरों को मिले निर्देश

हड़ताल के चलते व्यवस्था बिगड़ती देख सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। खाद्य संचालक ने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया है कि—

बंद पड़ी दुकानों में पंचायतों और महिला स्व-सहायता समूहों की मदद से राशन वितरण शुरू कराया जाए।

हड़ताल के कारण आवश्यक सेवाओं को बाधित करने वालों को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।

जरूरत पड़ने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।


किन जिलों में वितरण ठप

निम्न जिलों में अधिकांश राशन दुकानें बंद हैं—

कवर्धा – 204 दुकानें

बलौदाबाजार – 231 दुकानें

धमतरी – 247 दुकानें

गरियाबंद – 213 दुकानें

महासमुंद – 435 दुकानें

रायपुर – 218 दुकानें


वहीं बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी और भरतपुर जिलों में राशन वितरण सामान्य रूप से जारी है।

बलौदाबाजार में 13 कर्मचारी बर्खास्त

बलौदाबाजार प्रशासन ने हड़ताल को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न समितियों के 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इनमें सिमगा, खोखली, धुर्रा बांधा, रोहांसी और तिल्दा क्षेत्र की समितियों के प्रबंधक शामिल हैं। इसके अलावा कोनारी, रोहरा और रिसदा के तीन कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने का प्रस्ताव भेजा गया है।

गरीबों को राशन से वंचित न होने देने के निर्देश

सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि गांव–गांव मुनादी कराकर लोगों को जानकारी दी जाए और वैकल्पिक व्यवस्था से राशन वितरण चालू रखा जाए, ताकि गरीब, मजदूर और एपीएल कार्डधारी परिवारों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

हड़ताल बनी चेतावनी

यह हड़ताल राज्य की राशन वितरण व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर उभरी है। इससे सरकार को न केवल त्वरित कदम उठाने पड़ रहे हैं, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करना जरूरी हो गया है।

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