बिल्हा: शिक्षा विभाग में 30 लाख रुपये के फर्जी मेडिकल बिल घोटाले की देरी

बिल्हा, छत्तीसगढ़। शिक्षा विभाग में लगभग 30 लाख रुपये के फर्जी मेडिकल बिल घोटाले में साधेलाल पटेल, जो संकुल समन्वयक और छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष हैं, पर निलंबन की कार्रवाई के पांच महीने बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है।
मामले का विवरण:
जांच में पाया गया कि साधेलाल पटेल ने मृतक सहायक शिक्षक नरेंद्र कुमार चौधरी के नाम पर 33 हजार रुपये का मेडिकल बिल कूटरचित कर 5.33 लाख रुपये आहरित कर लिया।
इसके अलावा उन्होंने अपनी पत्नी और खुद के नाम पर भी फर्जी बिल बनाकर कुल लगभग 30 लाख रुपये का गबन किया।
बिल्हा विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने सभी पुख्ता दस्तावेज और संयुक्त संचालक के निर्देश की प्रतियां सिटी कोतवाली पुलिस को सौंप दी हैं।
विभाग और पुलिस की स्थिति:
बीईओ कार्यालय का कहना है कि फाइलें और दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
पुलिस अब भी जांच का हवाला देती रही है और एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
विभाग लगातार फॉलोअप कर रहा है ताकि मामला कानूनी कार्रवाई में आगे बढ़ सके।
इस देरी ने विभाग की कार्यप्रणाली और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब सबकी नजर साधेलाल पटेल पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया पर है।





