पाकिस्तान में सुसाइड बॉम्बिंग: मीरानशाह के चश्मा पुल पर हमला, 18 की मौत और 30 से अधिक घायल

सुसाइड बॉम्बर बाइक से चेक पोस्ट से टकराया, धमाके में मच गई तबाही
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सरहदी इलाके मीरानशाह के चश्मा पुल पर बीती शाम करीब साढ़े 4 बजे एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने सुसाइड बॉम्बर को बाइक पर बिठाकर पाकिस्तानी सेना की चेक पोस्ट से टकरा दिया।
टक्कर लगते ही बाइक और चेक पोस्ट के चिथड़े उड़ गए। धमाके की वजह से करीब 18 लोगों की मौत हुई, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जो फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
बाजार में आग, स्थानीय लोग भय और अफरा-तफरी में
हमले में इतना विस्फोटक पदार्थ था कि पास-पड़ोस की दुकानों में आग लग गई। स्थानीय लोग और आसपास के क्षेत्र में आतंक और अफरा-तफरी फैल गई। सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने तथा आग को नियंत्रित करने में जुट गए।
हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ने ली
इस हमले की जिम्मेदारी उस्तुद उल खोरासन (USK) ने ली है। यह संगठन इत्तिहाद उल मुजाहिदीन पाकिस्तान (IMP) से जुड़ा हुआ है।
IMP का प्रमुख हाफिज गुल बहादुर इस सुसाइड हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। हाफिज गुल बहादुर का संबंध मसूद अजहर से भी है।
अंतरराष्ट्रीय आतंकी कनेक्शन, ISI से ट्रेनिंग का खुलासा
जानकारी के अनुसार हाफिज गुल बहादुर को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने ट्रेनिंग दी थी। इसके अलावा उनकी ट्रेनिंग बन्नू ट्रेनिंग कैम्प में मसूद अजहर के नेतृत्व में हुई थी।
हाफिज गुल अफगानिस्तान से आकर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के साथ जुड़ा और विभिन्न आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा।
नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, मीरानशाह क्षेत्र हाई अलर्ट पर
इस हमले के बाद मीरानशाह और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय प्रशासन और सेना ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और आतंकवादियों के किसी भी नए हमले को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।






