“ऑपरेशन अंकुश” का तगड़ा असर: रायगढ़ पुलिस की सख्ती से सटोरियों में हड़कंप, बड़े खाईवालों ने किया सरेंडर

अवैध सट्टा नेटवर्क पर पुलिस का सीधा वार, अपराधियों में बढ़ा दबाव
रायगढ़ जिले में एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” ने जुआ और सट्टा कारोबार की जड़ों को हिला दिया है। लगातार हो रही दबिश, छापेमारी और सरगनाओं तक पहुंचती पुलिस कार्रवाई के चलते पूरा सट्टा नेटवर्क दबाव में आ गया है। इसका असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है, जहां फरार आरोपी खुद को पुलिस के सामने सरेंडर कर रहे हैं।

कुख्यात सट्टा खाईवाल पप्पू बरेठ ने SSP के समक्ष किया आत्मसमर्पण
लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात सट्टा खाईवाल हेमराज बरेठ उर्फ पप्पू बरेठ आखिरकार पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे झुक गया। उसने एसएसपी शशि मोहन सिंह के समक्ष सरेंडर किया। आरोपी के खिलाफ चक्रधरनगर, जूटमिल, कोतवाली और पुसौर थानों में कई सट्टा मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह वर्ष 2023 से लगातार अवैध सट्टा गतिविधियों में सक्रिय था और फरार चल रहा था।
पारिवारिक आपराधिक पृष्ठभूमि भी आई सामने, पिता पर भी दर्ज हैं दर्जनों केस
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पप्पू बरेठ का परिवार भी सट्टा कारोबार से जुड़ा रहा है। उसके पिता कंगालू बरेठ पर जूटमिल थाने में 30 से अधिक सट्टा मामले दर्ज हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध सट्टा सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने की दिशा में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
दूसरे बड़े खाईवाल मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने भी किया सरेंडर
इसी कार्रवाई के दबाव में एक और बड़ा सटोरिया मोहम्मद शाहनवाज मलिक उर्फ शानू भी कोतवाली थाना पहुंचा और सरेंडर कर दिया। उसके खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वह कमीशन के आधार पर सट्टा लिखवाने और पूरे नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभा रहा था।
पुलिस ने भेजा जेल, नेटवर्क के अन्य सदस्य अब भी रडार पर
कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई के बाद मोहम्मद शाहनवाज मलिक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं उसके सहयोगी और अन्य फरार आरोपी पुलिस के रडार पर हैं। जांच एजेंसियां पूरे सट्टा गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
ऑपरेशन अंकुश से टूट रहा सट्टा सिंडिकेट, पुलिस की रणनीति से अपराधियों में खौफ
रायगढ़ पुलिस की रणनीति सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। सट्टा लिखने वालों से लेकर मुख्य खाईवालों तक पर कार्रवाई ने सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। लगातार हो रही कार्रवाई से अब अवैध कारोबार में शामिल लोग या तो सरेंडर कर रहे हैं या भूमिगत हो रहे हैं।
एसएसपी का सख्त संदेश: अवैध कारोबार पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि अपराध छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को अवसर मिलेगा, लेकिन कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
ऑपरेशन अंकुश अब रायगढ़ में अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ निर्णायक मोड़ साबित हो रहा है। लगातार दबिश और सख्त कार्रवाई ने न सिर्फ अपराधियों को हिला दिया है, बल्कि पूरे नेटवर्क को टूटने की कगार पर पहुंचा दिया है।






