खाद की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा: 750 की खाद 1800 रुपये में बेच रहे थे व्यापारी, उप संचालक कृषि बने किसान तो खुली लूट आई सामने

लैलूंगा में औचक जांच के दौरान प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, गोदाम सील, 74 बोरी खाद जब्त
रायगढ़। खरीफ सीजन के बीच किसानों से खाद के नाम पर खुली लूट का मामला सामने आया है। लैलूंगा विकासखंड में कृषि विभाग की जांच के दौरान सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) खाद को निर्धारित कीमत से दोगुने से भी अधिक दाम पर बेचने का खुलासा हुआ है। शिकायतों की सच्चाई जानने के लिए उप संचालक कृषि स्वयं किसान बनकर खाद खरीदने पहुंचे, जहां मौके पर ही कालाबाजारी का पर्दाफाश हो गया।
जांच में सामने आया कि करीब 750 रुपये प्रति बोरी की वास्तविक कीमत वाली खाद किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी तक बेची जा रही थी। यानी प्रत्येक बोरी पर एक हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त वसूली की जा रही थी।
किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, मौके पर पकड़ में आई अनियमितता
कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में शनिवार को लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स की जांच की गई। जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया।
मौके से 74 बोरी खाद जब्त की गई है। वहीं दुकान के खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही संचालक को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने या कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच कार्रवाई के दौरान उर्वरक निरीक्षक पवन उरांव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी फुलेश्वर पैकरा सहित कृषि विभाग की टीम मौजूद रही।
खरीफ सीजन में प्रशासन अलर्ट, किसानों से भी मांगी गई सूचना
कलेक्टर ने कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिले में कहीं भी खाद की कृत्रिम कमी नहीं होने दी जाए और किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूले जाने की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।







