
रायगढ़ जेल में बंद विचाराधीन कैदी संजय बघेल की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने जेल में मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जबकि प्रशासन ने आरोपों से इनकार किया है।

रायगढ़ जेल में बंद विचाराधीन कैदी संजय बघेल की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने जेल में मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जबकि प्रशासन ने आरोपों से इनकार किया है।
CG News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से हड़कंप मच गया। शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद कैदी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और मौत को लेकर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने जेल में मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस और जेल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है।
जानकारी के अनुसार कोतरारोड थाना क्षेत्र के नवापारा गांव निवासी संजय बघेल (28) को अवैध शराब बिक्री के मामले में गिरफ्तार कर 10 जून को जेल भेजा गया था। जेल प्रशासन के मुताबिक 12 जून को उसकी तबीयत खराब हुई थी, जिसके बाद जेल अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर शनिवार सुबह उसे रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने संजय की मौत को संदिग्ध बताते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि जेल के अंदर संजय के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। उनका यह भी कहना है कि घटना के कई घंटे बाद तक उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे उनका संदेह और बढ़ गया।
संजय के पिता प्यारे लाल बघेल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दिन पहले गांव में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मी शंभू चौहान ने उनके बेटे और एक अन्य युवक को पकड़ा था। उनका दावा है कि दूसरे युवक को पैसे लेकर छोड़ दिया गया, जबकि संजय को जेल भेज दिया गया। पिता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं ग्राम सरपंच नंद कुमार बरेठ ने भी बताया कि ग्रामीणों को जब संजय की मौत की सूचना मिली तो वे अस्पताल पहुंचे, लेकिन काफी देर तक उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों और परिजनों ने न्यायिक जांच कराने तथा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल की मांग की है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों को समझाइश दी। अधिकारियों ने बताया कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद शव परिजनों को दिखाया जाएगा। काफी समझाइश के बाद प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए।
इस मामले में जेल अधीक्षक जीएस सोरी ने कहा कि संजय बघेल को 10 जून को जेल में दाखिल किया गया था। 12 जून को उसकी तबीयत खराब होने पर उसका इलाज कराया गया था। बाद में हालत में सुधार नहीं होने पर अस्पताल भेजा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल में किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है।
फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।