
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस बनवाने की शिकायत पर पुलिस और आरटीओ की संयुक्त कार्रवाई तेज
रायगढ़ में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें बाहरी राज्यों के लोगों को रायगढ़ का निवासी दिखाकर लाइसेंस बनवाने की शिकायत के बाद पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में ट्रैवल्स एजेंसी पर दबिश देकर दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
बाहरी राज्यों के लोगों को रायगढ़ का निवासी दिखाने का आरोप, जांच में जुटी टीम
शिकायत में कहा गया है कि कुछ एजेंसियों द्वारा ओडिशा और अन्य राज्यों के लोगों को फर्जी किरायानामा और शपथ पत्र तैयार कर रायगढ़ का निवासी दिखाया गया और उसी आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए गए। इस गंभीर आरोप के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
बाबा ट्रैवल्स एजेंसी पर दबिश, दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां सामने आईं
पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीम ने बाबा ट्रैवल्स एजेंसी में दबिश दी। जांच के दौरान कई आवेदकों के पते एक जैसे पाए गए, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका और मजबूत हो गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में वास्तविक आवेदक की जगह दूसरे व्यक्ति को परीक्षण के लिए भेजा गया हो सकता है।
लगभग 180 लाइसेंसधारियों के दस्तावेजों की हो रही विस्तृत जांच
पुलिस और परिवहन विभाग की टीम करीब 180 ड्राइविंग लाइसेंसधारियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। सभी निवास प्रमाण पत्र, शपथ पत्र और आवेदन पत्रों की गहन जांच की जा रही है। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी लाइसेंस सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा, जांच के बाद होगी कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार यह मामला सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, क्योंकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारी वाहन चलाने की अनुमति मिलने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी का सख्त संदेश, किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस बनवाना और उसका उपयोग करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







