छत्तीसगढ़

महासमुंद : 3 करोड़ से अधिक की मंजूरी के बावजूद अधूरा पुल, बांस के अस्थायी पुल से नदी पार कर रहे ग्रामीण

Advertisement

छिर्राबहारा गांव में करीब 700 लोगों की परेशानी बढ़ी, बारिश में बच्चों और मरीजों समेत ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर करना पड़ रहा आवागमन

महासमुंद। जिले के बसना विकासखंड के छिर्राबहारा गांव में बारिश के दिनों में ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। करीब 700 की आबादी वाले इस गांव में नदी पार करने के लिए ग्रामीणों को बांस और बल्लियों से बनाए गए अस्थायी पुल का सहारा लेना पड़ रहा है। पक्के पुल के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत होने के बावजूद काम की धीमी गति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।

301.68 लाख रुपये की राशि स्वीकृत

जानकारी के अनुसार, गांव में नदी पर पक्के पुल के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 301.68 लाख रुपये, यानी करीब 3 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। प्रस्तावित पुल की लंबाई करीब 45 मीटर बताई गई है।

निर्माण कार्य शुरू करने की निर्धारित तारीख 1 अप्रैल 2026 थी। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है और पुल की नींव तक का काम पूरा नहीं हुआ है।

बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी

बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों के लिए आवागमन और मुश्किल हो जाता है। गांव के बच्चों को स्कूल जाने, ग्रामीणों को बाजार पहुंचने और मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।

ऐसे में बांस और लकड़ी से तैयार अस्थायी पुल ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। नदी में पानी बढ़ने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

ग्रामीणों ने उठाए निर्माण की गति पर सवाल

ग्रामीणों का सवाल है कि जब पक्के पुल के लिए करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत हो चुकी है और निर्माण की तारीख भी निर्धारित है, तो अब तक पुल का काम पूरा होने की दिशा में अपेक्षित प्रगति क्यों नहीं हुई।

ग्रामीणों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा कार्य में लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

विधायक ने भी समस्या को गंभीर बताया

मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल का निर्माण पूरा कराने की मांग की है। वहीं स्थानीय विधायक चातुरी नन्द ने भी ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेने की बात कही है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर जल्द आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि बारिश के मौसम में उन्हें अस्थायी पुल के सहारे जोखिम भरा आवागमन न करना पड़े।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button