छत्तीसगढ़

बिलासपुर में ACB का बड़ा एक्शन: अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कार्यालय का बाबू 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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एंटी करप्शन ब्यूरो ने बिलासपुर में रेड कर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के बाबू को 15000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।


बिलासपुर। 
एंटी करप्शन ब्यूरो ने बिलासपुर के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के बाबू को 15000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। करगी रोड कोटा के निवासी होटल व्यवसायी  देवेंद्र कश्यप ने एसीबी कार्यालय बिलासपुर में शिकायत की थी।

रिश्वत की दूसरी किश्त लेते पकड़ा गया
उसने कहा था कि, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जुर्माना की राशि कम कराने के बदले बाबू ने मांगी थी प्रार्थी से 20,000 रुपए की रिश्वत। रिश्वत की एक किश्त 5000 रुपए वह पहले ही ले चुका था। रिश्वत की दूसरी किश्त 15,000 रुपए लेते गिरफ्तार हुआ।

होटल में पेड़ा खुले में मिला था
प्रार्थी के मुताबिक वह कोटा में होटल चलाता है। माह अगस्त 2025 में उसके होटल के जांच के दौरान खाद्य पदार्थ पेड़ा खुली स्थिति में मिलने पर फूड सेफ्टी ऑफिसर  द्वारा उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया गया था।

जुर्माना राशि कम कराने के एवज में मांगी रिश्वत
प्रकरण अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर के यहां  लंबित था। उक्त कार्यालय के बाबू विजय पांडेय ने उससे जुर्माना राशि 1 लाख रुपए तक होने की बात कहकर जुर्माना राशि को 30,000 रुपए तक करने के एवज में उससे 20,000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। लेकिन वह बाबू विजय पांडेय को 20,000 रुपए रिश्वत नहीं देना चाहता, बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है।

एसीबी ने किया शिकायत का सत्यापन 
प्रार्थी की शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई। सत्यापन के दौरान आरोपी ने प्रार्थी से 5000 रुपए ले लिया गया था और शेष 15,000 रुपए दिया जाना शेष था। जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई। इसके बाद 10 मई को आरोपी ने प्रार्थी को 15,000 रुपए रिश्वत लेने के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर के कार्यालय में बुलाया।

एसीबी को पहले भी मिली थी शिकायत
उक्त कार्यालय में प्रार्थी से 15,000 रुपए रिश्वत रकम लिए जाने पर आरोपी विजय पांडेय सहायक ग्रेड 3 को एसीबी बिलासपुर की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया और रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। पकड़े गए आरोपी के विरुद्ध लगातार रिश्वत खोरी किए जाने की जानकारी मुखबिर सूत्रों से भी एसीबी को प्राप्त हो रही थी। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत एसीबी द्वारा कार्यवाही की जा रही है।

एसीबी की लोगों से अपील 
गौरतलब है कि, एसीबी के द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों /कर्मचारियों की लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी अनुक्रम में उक्त कार्यवाही की गई। एसीबी द्वारा किसी भी विभाग के लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल सूचना देने हेतु अपील की गई है।

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