मोहारा धान उपार्जन केंद्र में 995 क्विंटल से ज्यादा धान गबन का खुलासा, तीन लोगों पर एफआईआर

राजनांदगांव। जिले के सेवा सहकारी समिति मोहारा में धान गबन और अवैध परिवहन का बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासन की आकस्मिक जांच में 995.68 क्विंटल धान की अफरा-तफरी उजागर होने के बाद केंद्र प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर और एक अनधिकृत खरीददार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में शासन को 30 लाख 86 हजार 608 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचने की बात सामने आई है।
अवैध धान परिवहन की सूचना पर प्रशासन ने की औचक जांच
जानकारी के अनुसार अवैध धान परिवहन की सूचना मिलने पर सहायक खाद्य अधिकारी द्रोण कामड़े, तहसीलदार डोंगरगढ़ अमीय श्रीवास्तव और अतिरिक्त तहसीलदार सोनित मेरिया ने मोहारा धान उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान केंद्र प्रभारी संतोष वर्मा मौके से अनुपस्थित पाए गए। इसी दौरान निरीक्षण टीम ने वाहन क्रमांक CG 08 L 1049 को पकड़ा।
वाहन चालक सुंदरलाल साहू ने पूछताछ में बताया कि वह ग्राम खैरी निवासी राजू वर्मा के निर्देश पर समिति से बिना किसी वैध दस्तावेज के धान लोड कर परिवहन कर रहा था।
रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा
इसके बाद अधिकारियों ने विभागीय रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक का मिलान किया, जिसमें बड़ा गड़बड़झाला सामने आया। जांच में पाया गया कि समिति द्वारा खरीदे गए कुल धान में से 995.68 क्विंटल धान को कम परिदान दिखाकर ‘सूखत’ में दर्ज कर दिया गया था।
आरोप है कि इस धान को फर्जी तरीके से बचाकर अवैध रूप से बेचा जा रहा था।
कस्टम मिलिंग नीति उल्लंघन का आरोप, शासन को लाखों की क्षति
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि केंद्र प्रभारी और संबंधित कर्मचारियों ने निजी लाभ के लिए कस्टम मिलिंग नीति 2025-26 का उल्लंघन किया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे मामले से शासन को 30 लाख 86 हजार 608 रुपये की आर्थिक हानि हुई है।
केंद्र प्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर और खरीददार के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रभारी धान उपार्जन केंद्र मोहारा संतोष वर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर वेद प्रकाश साहू तथा ग्राम खैरी निवासी अनधिकृत खरीददार राजू वर्मा के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया गया है।






