रायपुर में आईपीएल सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, 26 आरोपी गिरफ्तार, ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा

रायपुर। अमरबेल की तरह फैल चुके आईपीएल क्रिकेट सट्टा में पांच थाना क्षेत्र के अलग-अलग क्रिकेट सट्टा में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट सेल की टीम ने कोलकाता, हरियाणा, झारखंड में दबिश देकर सट्टा के पांच पैनल को ध्वस्त करते हुए 26 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई पूर्व की कार्रवाई में पकड़े गए सटोरियों की निशानदेही पर की है। सटोरियों के कब्जे से पुलिस ने 18 लाख कैश के साथ 50 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।
पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने अलग-अलग थानों में दर्ज 18 प्रकरण की जांच कर अब तक 14 पैनल ध्वस्त करने में कामयाबी हासिल की है। अभी की कार्रवाई में पुलिस ने झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार सहित प्रदेश के दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, बालोद व रायपुर जिले के 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अब तक साढे चार करोड़ की संपत्ति जब्त
सटोरियों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस ने अब तक 18 प्रकरण में सौ सटोरियों को गिरफ्तार किया है। सटोरियों के कब्जे से एक करोड़ रुपए कैश के साथ साढ़े तीन करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। आईपीएल क्रिकेट शुरू होने के बाद से लेकर अब तक मैच के अंतिम सोपान तक पहुंचने के पहले पुलिस की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। आईपीएल के दौरान एवं पूर्व में सट्टा पैनल नेटवर्क गिरोह को ध्वस्त किया गया है। साथ ही पहली बार पेमेंट गेटवे पर कार्रवाई की गई है।
पूर्व में वर्तमान में इन पैनलों के खिलाफ कार्रवाई
आईपीएल के दौरान जो लोग पैनल बनाकर सट्टा संचालित कर रहे थे, उन पैनल ऑपरेटरों के खिलाफ पुलिस ने जो कार्रवाई की है, उसकी सूची इस प्रकार से है-
मंजीत सिंह, मोहिस सोमानी ग्रुप
बाबू खेमानी ग्रुप
नमन जग्गी, आयुष जैन एवं अंकित
अग्रलवाल ग्रुप
अमित जंघेल ग्रुप
सोनू फतनानी ग्रुप
अमन नत्थानी ग्रुप
हर्ष नागदेव ग्रुप
हरीश नायक ग्रुप
लक्ष्मण एवं आशीष जाधव ग्रुप
आईपीएल के पूर्व
राखब देव पाहूजा ग्रुप
रितेश गोविंदानी ग्रुप
आकाश तांडी ग्रुप
प्रतीक वाधवानी एवं सैन्की देवड़ा ग्रुप
धरमू उर्फ धर्मेन्द्र पोहानी ग्रुप
पकड़े जाने पर पैनल का नाम बदलकर संचालन
आईपीएल क्रिकेट सट्टा संचालन करने वाले सटोरिए इतने शातिर हैं कि पैनल के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर पैनल से जुड़े अन्य सटोरिये अपने पूरे पैनल को किसी दूसरे पैनल में शिफ्ट कर देते थे या फिर पैनल का नाम बदलकर नए सिरे से सट्टा का संचालन करते हैं। ऐसे में ऑनलाइन सट्टा पर पूरी तरह से अंकुश लगाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है।
इन सटोरियों के खिलाफ की गई कार्रवाई
तेलीबांधा के प्रकरण में बालोद के प्रदीप पटेल – हरियाणा, फरीदाबाद के निसान हटिया, बिलासपुर के राहुल शुक्ला, महाराष्ट्र, गोदिया के दीपेश डलवानी, बिलासपुर के लखन थावरानी, रायपुर के आकाश सिंह राजपूत उर्फ छोटू, रायपुर के लिखेश्वर साहू, बिहार, मकदोई के सुबोध राम, खरसिया के अमन नत्थानी, रायपुर के राम लालवानी
न्यू राजेन्द्र नगर के प्रकरण में- रायपुर के सौरभ मुकीम, करण पिंजानी उर्फ किट्ट, शेख आसिफ, इमाम अहमद, झारखंड, देवधर के भैरव कुमार, राजीव कुमार, सिकंदर यादव, रविंद्र कुमार, भिलाई के गुरदेव सिंह
तिल्दा नेवरा के प्रकरण में- तिल्दा के राहुल फतनानी, गौतम पंजवानी, किशन उर्फ सोनू हिंदुजा
मौदहापारा के प्रकरण में- रायपुर के अजय उर्फ मोन्टू साहू, मुकेश जंघेल, अमित जंघेल, रवि डेंगवानी






