छत्तीसगढ़

सोमनी में नाबालिग प्रकरण पर सख्ती: कलेक्टर ने गठित किए दो जांच दल, प्रशासन एक्शन मोड में

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सोमनी क्षेत्र में एक नाबालिग से जुड़े विवादित प्रकरण में जिला प्रशासन एक्शन लेने की तैयारी में है। कलेक्टर ने इस मामले की जांच के लिए दो अलग-अलग जांच दल गठित कर दिए हैं।

राजनांदगांव। सोमनी क्षेत्र में एक नाबालिग से जुड़े विवादित प्रकरण में अब जिला प्रशासन एक्शन लेने की तैयारी में है। कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी जितेन्द्र यादव ने इस मामले की जांच के लिए दो अलग-अलग जांच दल गठित कर दिए हैं। समितियों द्वारा पुलिस कर्मियों द्वारा नाबालिग के साथ की गई मारपीट और प्रताड़ना के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमनी द्वारा गलत मेडिकल रिपोर्ट जारी किए जाने की सूक्ष्मता के साथ जांच की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि,  राजनांदगांव के सोमनी क्षेत्र से पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बेहद गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक चौदह वर्षीय नाबालिग बच्ची अपने स्वास्थ्यगत समस्या से परेशान थी। इसी परेशानी के चलते परिजनों ने सोमनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची के खून की जांच कराई थी। जांच के दौरान वहां के डॉक्टरों ने बच्ची का यूरिन टेस्ट भी किया और उसे दो महीने की गर्भवती बता दिया। इस रिपोर्ट के बाद जब परिजनों ने महज चौबीस घंटे के भीतर जिला अस्पताल में दोबारा जांच कराई तो वहां रिपोर्ट निगेटिव आई। इस बीच सोमनी पुलिस द्वारा नाबालिग के साथ अपराधी मानकर ऐसा कृत्य किया गया। जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए है। रातभर थाने में नाबालिग की पिटाई भी की गई।

बाल संरक्षण आयोग ने भी लिया संज्ञान
सोमनी में हुए इस मामले की गूंज राजधानी तक पहुंच गयी है। बाल संरक्षण आयोग ने मामले को संज्ञान में ले लिया है। आयोग की अध्यक्ष के एक दो दिनों के भीतर परिजनों के घर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बाद पुलिस से इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जाएगी। इधर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी इस मामले में राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

थाने में मारपीट की जांच करेंगे एडीएम
प्रशासन ने सोमनी थाने में पुलिस कर्मियों द्वारा नाबालिग के साथ की गई मारपीट और दुर्व्यवहार की जांच के लिए एडीएम सीएल मार्कण्डेय की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की है। जिसमें संयुक्त कलेक्टर शीतल बसंत, एसडीएम गौतमचंद पाटिल और सीएसपी अलेक्जेंडर किरो को शामिल किया गया है। प्रशासन ने तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

होगी कार्रवाई

कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने बताया कि, पूरे मामले की जांच के लिए दो अलग-अलग समितियां गठित कर दी गई है। इस प्रकरण में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एफआईआर दर्ज करने की परिजनों ने उठाई मां
नाबालिग की गलत मेडिकल रिपोर्ट जारी किए जाने और थाने में की गई मारपीट और प्रताड़ना के मामले में परिजनों द्वारा दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की गई है। वहीं शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार का कहना है कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कार्रवाई के लिए अल्टीमेटम भी दे दिया है। अब इस मामले में एक्शन का इंतजार किया जा रहा है।

सीएमएचओ करेंगे रिपोर्ट की जांच
प्रशासन ने सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा नाबालिग के स्वास्थ्य परीक्षण में बरती गई लापरवाही की जांच के लिए भी एक पृथक से समिति का गठन किया है। जिसमें सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन, डीपीएम संदी ताम्रकार, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. तरूण कोठारी, पैथोलाजिस्ट डॉ. अनुजा भार्गव तिवारी को शामिल किया गया है।

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