छत्तीसगढ़

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी का खुलासा, अटैचमेंट सिस्टम पर सवाल, कई जिलों के डीईओ रडार पर

Advertisement
Advertisement

रायपुर। प्रदेश में शिक्षकों के मनमाने अटैचमेंट (संलग्नीकरण) के मामलों को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस व्यवस्था में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी और जांजगीर-चांपा के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को जारी किए गए शोकॉज नोटिस के जवाब से लोक शिक्षण संचालनालय संतुष्ट नहीं है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।

अटैचमेंट से प्रभावित हो रही बच्चों की पढ़ाई

शिक्षकों के मनमाने अटैचमेंट के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी की स्थिति बन गई है। जिन स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता है, वहां पद रिक्त होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की है, लेकिन अटैचमेंट की इस व्यवस्था ने कई क्षेत्रों में शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावित किया है।

विशेष रूप से बस्तर संभाग में स्थिति अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। यहां कई स्कूल दोबारा एकल शिक्षकीय या कम शिक्षक वाले स्कूल बन गए हैं, जिससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

बिलासपुर में भी जारी अटैचमेंट का खेल

सरकारी निर्देशों के बावजूद बिलासपुर जिले में भी शिक्षकों को कार्यालयों और अन्य स्थानों पर अटैच रखने के मामले सामने आए हैं। 16 जून से नया शिक्षण सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ किए गए कई प्रभावशाली शिक्षक पुनः पसंदीदा स्कूलों और कार्यालयों में अटैच हो गए हैं।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बिल्हा ब्लॉक में नौ, तखतपुर में पांच और मस्तूरी ब्लॉक में दो शिक्षक मूल शालाओं से अलग अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी तीन शिक्षक कार्यालयीन कार्यों में लगे हुए हैं।

बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे ने कहा कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को चुनौती देकर न्यायालय जाने वाले कुछ शिक्षक अभी भी मूल पदस्थापना स्थल पर नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग शासन के नियमों का पालन कर रहा है और नए सत्र से पहले सभी अटैचमेंट की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कई जिलों में सामने आए नियम उल्लंघन के मामले

प्रदेश के विभिन्न जिलों में अटैचमेंट को लेकर कई अनियमितताएं सामने आई हैं। बस्तर में कलेक्टर द्वारा हटाए गए 60 से अधिक अतिशेष शिक्षकों को दोबारा उन्हीं या आसपास के स्कूलों में अटैच किए जाने का मामला सामने आया।

रायपुर में प्रभारी डीईओ हिमांशु भारतीय द्वारा जिला मिशन समन्वयक के साथ मिलकर धरसींवा के पीएम श्री सेजेस कुंरा के प्राचार्य शिरीष तिवारी को शासन की अनुमति के बिना सहायक जिला परियोजना अधिकारी (समग्र शिक्षा) का दायित्व सौंपने का मामला उजागर हुआ। इसके अलावा डीईओ कार्यालय में कई कर्मचारियों को महत्वपूर्ण सीटों पर अटैच किया गया।

धमतरी में तत्कालीन डीईओ अभय कुमार जायसवाल द्वारा प्राचार्य अजय देश पांडेय को ज्वाइनिंग के कुछ घंटों बाद ही रायपुर स्थित समग्र शिक्षा कार्यालय के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया। वहीं जांजगीर-चांपा में प्रभारी डीईओ अशोक कुमार सिन्हा द्वारा एक शिक्षक को नियमों के विपरीत एबीईओ जैसे राजपत्रित पद का प्रभार देने का मामला सामने आया।

इसके अलावा बलौदाबाजार में तत्कालीन डीईओ द्वारा 25 शिक्षकों को विभिन्न कार्यालयों और जिला लाइब्रेरी में संबद्ध किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि शिक्षकों की मूल पदस्थापना स्कूलों में सुनिश्चित कर ही विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।

शासन के निर्देशों के विपरीत अटैचमेंट करने वाले शिक्षा अफसरों को नोटिस जारी किया गया है। इनके जवाब आने के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी। इसका निर्देश दिया गया है।

-गजेंद्र यादव, मंत्री, स्कूल शिक्षा।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button