छत्तीसगढ़

सेकेंड हैंड गाड़ियों के कारोबार पर कड़े नियम, बैंक गारंटी अनिवार्य; नियम उल्लंघन पर रकम जब्त होगी

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छत्तीसगढ़ में सेकेंड हैंड गाड़ियों का कारोबार करने वालों को अब अपना व्यवसाय चलाने के लिए लाखों रुपए खर्च करने होंगे।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सेकेंड हैंड गाड़ियों का कारोबार करने वालों को अब अपना व्यवसाय चलाने के लिए लाखों रुपए खर्च करने होंगे। दरअसल सरकार अब इन कारोबारियों से 1 से लेकर 5 लाख रुपए की बैंक गारंटी लेगी। इसके बाद ही वे अधिकृत वाहन डीलर बन पाएंगे। यही नहीं, अगर नियम नहीं माने, तो बैंक गारंटी की रकम जब्त होगी और कारोबार भी बंद करवा दिया जाएगा।

ये है मामला
राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने यह नई व्यवस्था लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम, 1994 में संशोधन प्रस्तावित किया है। राज्य सरकार का यह कदम केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आदेश के क्रियान्वयन में है। प्रस्ताव पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।

किस वाहन पर कितनी बैंक गारंटी
प्रस्तावित नियमों के अनुसार मोटर साइकिल, दिव्यांग वाहन, ई-रिक्शा और ई-कार्ट के कारोबार के लिए एक-एक लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करनी होगी। हल्के मोटर वाहनों के लिए यह राशि 2.5 लाख रुपये, मध्यम यात्री वाहनों के लिए 3 लाख रुपये तथा मध्यम मालवाहक वाहनों के लिए 4 लाख रुपये निर्धारित की गई है। भारी यात्री वाहनों के लिए भी 4 लाख रुपये और भारी मालवाहक वाहनों के लिए 5 लाख रुपये की बैंक गारंटी देनी होगी। अन्य विशेष श्रेणी के वाहनों के लिए भी 5 लाख रुपये की गारंटी का प्रावधान रखा गया है।

वाहन लेन-देन की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
संशोधन मसौदे में पुराने वाहनों के कारोबार को पूरी तरह डिजिटल निगरानी के दायरे में लाने का भी प्रावधान किया गया है। अधिकृत डीलर को वाहन प्राप्त होने के दिन ही पोर्टल पर उसका इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड दर्ज करना होगा। वाहन मालिक और डीलर के बीच वाहन सौंपने तथा वापस लेने की प्रक्रिया भी निर्धारित ऑनलाइन प्रपत्रों के माध्यम से पूरी करनी होगी, जिसके बाद पोर्टल स्वतः पावती संख्या जारी करेगा। डीलरों को अपने पास मौजूद वाहनों का इलेक्ट्रॉनिक इन्वेंट्री रिकॉर्ड तथा डिजिटल रजिस्टर भी पोर्टल पर बनाए रखना होगा। इसके अलावा गिरवी या फाइनेंस पर खरीदे गए वाहनों के मामलों में वित्तीय संस्थान की सहमति लेना अनिवार्य होगा।

पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था भी अनिवार्य
सरकार ने अधिकृत डीलरों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी किया है। साथ ही कार्यस्थल पर अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता बनाए रखने का प्रावधान किया गया है। डीलरों को वास्तविक और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने, लागू नियमों का पालन करने तथा वाहनों से संबंधित सभी बकाया देनदारियों के निपटान की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

नियम तोड़ने पर प्रमाणपत्र रद्द और गारंटी जब्त
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार यदि कोई अधिकृत डीलर नियमों का उल्लंघन करता है या निर्धारित शों का पालन नहीं करता, तो संबंधित पंजीयन प्राधिकारी उसे सुनवाई का अवसर देने के बाद कार्रवाई कर सकेगा। ऐसी स्थिति में डीलर का प्राधिकरण प्रमाणपत्र निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा जमा की गई बैंक गारंटी राशि भी जब्त की जा सकती है।

ये है सरकार का उद्देश्य
परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव को राज्य में तेजी से बढ़ रहे सेकेंड हैंड वाहन बाजार को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैंक गारंटी, ऑनलाइन रिकॉर्ड प्रबंधन और जवाबदेही से जुड़े प्रावधानों के जरिए सरकार वाहन स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने तथा फर्जीवाड़े और विवादों की संभावनाओं को कम करने का प्रयास कर रही है।

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