कोरबा में डीजल माफियाओं पर कार्रवाई : मिलीभगत के आरोप में 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, पुलिस विभाग पर उठे बड़े सवाल

कोरबा जिले में डीजल तस्करी और अवैध कारोबार से मिलीभगत के आरोप में 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। गोपनीय जांच में भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद एसपी ने कार्रवाई की।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में डीजल माफियाओं और पुलिस के बीच सांठगांठ का मामला सामने आया है। जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए 4 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। सभी पर डीजल के अवैध कारोबार में शामिल माफियाओं से मिलीभगत के आरोप हैं।
डीजल तस्करी में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत
मिली जानकारी के अनुसार, जिले में लंबे समय से डीजल की तस्करी और अवैध बिक्री का कारोबार चल रहा था। शिकायत मिलने पर गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें 4 पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर एसपी ने चारों को निलंबित कर दिया है। मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
फिर उठा बड़ा सवाल
इस कार्रवाई के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है कि अवैध कारोबार के ऐसे मामलों में हर बार सिर्फ सिपाही स्तर के कर्मचारियों पर ही गाज क्यों गिरती है? लोगों का सवाल है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में बड़े अफसरों की भूमिका नहीं है। डीजल माफियाओं का कारोबार बिना संरक्षण के चलना मुश्किल है, ऐसे में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई से पुलिस की कार्यप्रणाली फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
अवैध डीजल कारोबार पर शिकंजा
फिलहाल, पुलिस विभाग ने कहा है कि जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अवैध डीजल कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात भी कही गई है।






