मैनपाट में पीलिया का प्रकोप गहराया : 10 दिनों में 5 मौतें, चार गांवों में दर्जनों लोग अब भी बीमार, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

Mainpat Jaundice Outbreak: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 10 दिनों में 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार गांवों में अब भी 12 से ज्यादा लोग बीमार बताए जा रहे हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में डेरा डालकर जांच और उपचार में जुटी हुई हैं।
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10 दिनों में 5 मौतों से बढ़ी चिंता
मैनपाट क्षेत्र के नर्मदापुर, कुनिया, सपनादर, बरिमा और बैगहवा गांवों में पीलिया के मामले सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले 10 दिनों के भीतर कुनिया गांव के उपसरपंच समेत कुल 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
हालांकि CMHO ने फिलहाल पीलिया से दो मौतों की पुष्टि की है और अन्य मामलों की जानकारी एकत्र कर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है। Mainpat Jaundice Outbreak ने ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। कई मरीजों का इलाज अंबिकापुर और रायपुर के अस्पतालों में चल रहा है, जहां उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में सक्रिय
स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान शुरू किया है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं।
मामले के कारणों का पता लगाने के लिए मरीजों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं और मेडिकल जांच कराई जा रही है। विभाग की ओर से हेल्थ कैंप भी लगाए गए हैं, जहां लोगों की स्क्रीनिंग और प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते बीमारी की पहचान और इलाज से गंभीर मामलों को रोका जा सकता है।
पेयजल स्रोतों की भी हो रही जांच
पीलिया के मामलों के पीछे दूषित पानी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने गांवों में पेयजल स्रोतों की जांच शुरू कर दी है। जिन घरों तक पानी की सप्लाई पहुंच रही है, वहां से भी नमूने लेकर परीक्षण कराया जा रहा है।
जलजनित संक्रमण की संभावना को गंभीरता से लिया जा रहा है। ग्रामीणों को उबालकर पानी पीने, साफ-सफाई रखने और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रशासन का मानना है कि बीमारी के स्रोत की पहचान होने के बाद नियंत्रण की प्रक्रिया और प्रभावी हो सकेगी।
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प्रशासन अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बढ़ा दिया है। प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है और गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल भेजा जा रहा है।
नियंत्रित करने के लिए चिकित्सा सुविधाओं के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बीमारी के कारणों का पता लगाना, संक्रमित लोगों का इलाज करना और नए मामलों को रोकना है।







