धरमजयगढ़ में प्रस्तावित कोयला खदान के खिलाफ ग्रामीणों का जोरदार विरोध, एसडीएम कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन की खदान परियोजना पर ग्रामीणों की आपत्ति तेज
रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड की प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बड़ी संख्या में किसान, आदिवासी और स्थानीय ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और परियोजना के खिलाफ औपचारिक आपत्ति दर्ज कराने की कोशिश की। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए खदान परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
ग्राम सभा के फैसले और संवैधानिक अधिकारों का हवाला देकर जताया विरोध
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि प्रस्तावित खदान क्षेत्र ग्राम पंचायत बायसी कॉलोनी में आता है, जो संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल है। यहां पेसा अधिनियम और वनाधिकार कानून लागू हैं, जिसके तहत ग्राम सभा को जल, जंगल और जमीन से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 22 नवंबर 2025 को हुई ग्राम सभा में सर्वसम्मति से इस परियोजना को अस्वीकार कर दिया गया था।
1610 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित खदान, पर्यावरण और आजीविका पर खतरे की आशंका
जानकारी के अनुसार, कोयला मंत्रालय द्वारा कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के लिए लगभग 1610.75 हेक्टेयर भूमि पर कोयला खदान विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह परियोजना उनकी आजीविका और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
वन्यजीव और मानव-हाथी संघर्ष बढ़ने की आशंका
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रस्तावित खनन क्षेत्र घने वन क्षेत्र में आता है, जो हाथियों का प्रमुख विचरण क्षेत्र है। खनन गतिविधियों से हाथियों के प्राकृतिक मार्ग बाधित होंगे, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
केंद्रीय मंत्री तक आपत्ति भेजने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने एसडीएम के माध्यम से अपनी आपत्तियां केंद्रीय पर्यावरण मंत्री तक भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम सभा द्वारा परियोजना को पहले ही अस्वीकार किया जा चुका है, इसलिए इसका सम्मान किया जाना चाहिए और प्रस्तावित खदान को रद्द किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रशासन ने लिया ज्ञापन, आगे कार्रवाई की प्रक्रिया जारी
प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित विभागों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल मामले पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।







