रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में लायनेस क्लब प्रगति की सेवा, मरीजों को मिला सहारा और मुस्कान

नि:स्वार्थ सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए अस्पतालों में मदद की आवश्यकता पर जोर
रायगढ़। समाज में हर स्थान पर नि:स्वार्थ सहायता की आवश्यकता है, विशेषकर अस्पतालों में जहां जरूरतमंद मरीजों को न केवल इलाज बल्कि मानसिक सहारा और हिम्मत की भी आवश्यकता होती है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए लायनेस क्लब प्रगति रायगढ़ के सदस्य मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे।
लायनेस क्लब प्रगति के सदस्यों ने मरीजों से मिलकर बढ़ाया हौसला
लायनेस क्लब प्रगति के सदस्य हमेशा जनहित और सेवा कार्यों के लिए जाने जाते हैं। इसी क्रम में जब क्लब के सदस्य मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ पहुंचे तो उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उन्हें हिम्मत व सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की। मरीजों और परिजनों ने क्लब के सदस्यों को अपने बीच पाकर राहत और भरोसा महसूस किया।
फल, बिस्किट और नवजात शिशुओं के लिए वस्त्र वितरित किए गए
क्लब के सदस्यों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के बीच फल, बिस्किट एवं अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। इसके साथ ही नवजात शिशुओं के लिए कपड़े भी लाए गए, जिन्हें परिवारों को आशीर्वाद सहित भेंट किया गया। इस मानवीय सेवा कार्य ने अस्पताल परिसर में एक भावनात्मक और सकारात्मक माहौल बना दिया।
मानवीय सेवा के इस कार्य से मरीजों और परिजनों में दिखा भावनात्मक जुड़ाव
क्लब की इस नि:स्वार्थ सेवा भावना से मरीज और उनके परिजन भावविभोर हो गए। सभी ने इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यों से अस्पताल में उपचार के साथ-साथ मानसिक संबल भी मिलता है। क्लब की सदस्य महिलाएं भी सेवा कार्य में सक्रिय रूप से शामिल रहीं और उन्होंने इसे आत्मसंतोष का अनुभव बताया।
सेवा कार्य में सक्रिय रहीं लायनेस क्लब की सदस्याएं
इस अवसर पर क्लब की सदस्य श्रीमती हेमा शाह, रेणु बेरीवाल, निशा मेहता, पुष्पा महामिया और अन्नू केडिया सहित अन्य सदस्यों ने बढ़-चढ़कर सेवा कार्य में भाग लिया। सभी सदस्यों ने मरीजों की सहायता कर मानवीय सेवा की मिसाल पेश की।
लायनेस क्लब प्रगति की सेवा भावना बनी प्रेरणा का स्रोत
लायनेस क्लब प्रगति की यह पहल एक बार फिर साबित करती है कि जब सेवा भावना सच्ची होती है, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। मरीजों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता रही।







