छत्तीसगढ़

आदिवासी समाज का हुंकार प्रदर्शन : सरकार के सामने रखीं 15 बड़ी मांगें, स्कूलों में मंत्र पाठ के आदेश पर भी उठाए सवाल

Advertisement
Advertisement
Advertisement
राजनांदगांव जिले में सर्व आदिवासी समाज ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।

 राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सर्व आदिवासी समाज ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिला कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री और संस्कृति मंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपते हुए आदिवासी अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की मांग उठाई। इस दौरान स्कूलों में गायत्री मंत्र, शांति मंत्र और सरस्वती वंदना संबंधी आदेश का भी विरोध किया गया।

आदिवासी समाज का हक
मिली जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव में सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में जिले भर से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जल, जंगल और जमीन से जुड़े आदिवासी समुदाय के अधिकारों के संरक्षण तथा विभिन्न लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।

आदिवासियों के कई मांगों की अनदेखी
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि, आदिवासी समुदाय की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से शासन-प्रशासन के समक्ष लंबित हैं, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि, आदिवासी समाज की समस्याओं और अधिकारों के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

स्कूलों में धार्मिक आयोजन पर आपत्ति
प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी उस आदेश का भी विरोध जताया, जिसमें विद्यालयों में गायत्री मंत्र, शांति मंत्र, गुरु मंत्र और सरस्वती वंदना के आयोजन संबंधी निर्देश दिए गए हैं। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां विभिन्न धर्मों, समुदायों एवं सांस्कृतिक समूहों के लोग निवास करते हैं। ऐसे में किसी एक धार्मिक परंपरा को विद्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू करना उचित नहीं है।

आदिवासी संस्कृति का सम्मान जरूरी
आदिवासी समाज के नेताओं ने कहा कि, उनकी अपनी विशिष्ट संस्कृति, परंपराएं और धार्मिक मान्यताएं हैं, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से सभी समुदायों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए निर्णय लेने की मांग की।

कलेक्टर को सौंपा 15 सूत्रीय ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और उसे मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री और संस्कृति मंत्री तक पहुंचाने का आग्रह किया। समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि, यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

आदिवासी समाज की मांगों पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल, सर्व आदिवासी समाज अपनी मांगों पर शासन के निर्णय का इंतजार कर रहा है। अब नजर इस बात पर है कि, सरकार और प्रशासन इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं और आदिवासी समुदाय की चिंताओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button