कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों से की मिश्रित खेती अपनाने की अपील

कांकेर। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों से पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ मिश्रित खेती (Mixed Farming) अपनाने की अपील की है। वे कांकेर में आयोजित किसान संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
धान के साथ दलहन-तिलहन की खेती पर जोर
मंत्री नेताम ने कहा कि किसान धान के साथ दलहन और तिलहन फसलों को भी अपनाएं, जिससे आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने खेतों की मेड़ों पर मुनगा (सहजन) लगाने की भी सलाह दी।
कम लागत वाली खेती को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि कम पानी और कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को बढ़ावा देना आज की आवश्यकता है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि अधिक लाभकारी बनेगी।
पशुपालन और मछलीपालन को भी बताया जरूरी
कृषि मंत्री ने खेती के साथ-साथ मछलीपालन, मुर्गीपालन और पशुपालन अपनाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय के वैकल्पिक स्रोत बढ़ेंगे।
जैविक खेती पर दिया जोर
उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है और लंबे समय तक उत्पादन क्षमता सुरक्षित रहती है।
प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की सहायता
मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि जो किसान धान के स्थान पर अन्य फसलें अपनाएंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता प्रदान की जाएगी।







