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जिम्बाब्वे में बड़ा फेरी हादसा: करीबा झील में नाव पलटने से 72 लोगों की मौत, 18 बच्चे भी शामिल

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हरारे। जिम्बाब्वे की करीबा झील में इस सप्ताह एक ओवरलोडेड फेरी के पलटने से बड़ा हादसा हो गया। तेज लहरों के बीच फेरी के पलटने के बाद शनिवार को रेस्क्यू टीम ने कई और शव बरामद किए। पुलिस के अनुसार हादसे में अब तक 72 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।

क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने की बात

बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई फेरी की क्षमता करीब 90 यात्रियों की थी, जबकि उस पर लगभग 153 लोगों के सवार होने का अनुमान है। हालांकि अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि दुर्घटना के समय फेरी में वास्तव में कितने लोग सवार थे और कितने लोग अब भी लापता हैं।

77 लोगों को बचाया गया

जिम्बाब्वे की डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के मुताबिक, हादसे के बाद 77 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। बचाए गए लोगों को झील के एक छोटे द्वीप पर पहुंचाया गया, जहां से उन्हें वापस लाने के लिए अन्य नौकाएं भेजी गईं।

पुलिस की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि मृतकों में 18 बच्चे शामिल हैं। इनमें 10 वर्ष या उससे कम उम्र के कई बच्चे थे और सबसे कम उम्र का बच्चा महज एक वर्ष का बताया गया है।

ग्रामीण इलाकों के लिए महत्वपूर्ण थी फेरी

हादसे का शिकार हुई पुरानी फेरी करीबा शहर से झील के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित ग्रामीण और मछली पकड़ने वाले समुदायों की ओर जा रही थी। इन क्षेत्रों में खराब सड़कों और सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा के कारण जल परिवहन स्थानीय लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

फेरी का संचालन एक सरकारी एजेंसी द्वारा किया जा रहा था और इसका इस्तेमाल करीबा झील के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को करीबा शहर तक पहुंचाने के लिए किया जाता था।

दुनिया की बड़ी मानव निर्मित झीलों में शामिल है करीबा

करीबा झील जम्बेजी नदी पर बांध बनाए जाने के बाद 1950 के दशक के अंत और 1960 के दशक की शुरुआत में अस्तित्व में आई थी। यह झील 200 किलोमीटर से अधिक लंबी है और कुछ स्थानों पर करीब 40 किलोमीटर तक चौड़ी बताई जाती है। जिम्बाब्वे और जाम्बिया दोनों इस झील को साझा करते हैं और दोनों देशों की सीमा झील के बीच से होकर गुजरती है।

हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों की ओर से लापता लोगों की संख्या और हादसे के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

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