रायगढ़

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में मृतकों की संख्या 6 पहुंची

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मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी, अब तक 11 लोगों का किया गया रेस्क्यू

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। घटनास्थल से सामने आए सीसीटीवी फुटेज में इमारत गिरने के बाद मौके पर धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दे रहा है।

11 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल ने अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया है। वहीं, कुछ अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाश अभियान जारी है। बचाव दल घटनास्थल पर मलबा हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।

55 वर्ग गज में बनी थी इमारत

दिल्ली नगर निगम के अनुसार ढही हुई इमारत की पहचान P-14, सत्य निकेतन के रूप में की गई है। यह संपत्ति पुनर्वास कॉलोनी क्षेत्र का हिस्सा है और करीब 55 वर्ग गज में फैली हुई थी। भवन में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलें मौजूद थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इमारत का निर्माण 1990 के दशक में हुआ था।

MCD रिकॉर्ड में सीलिंग या बुकिंग का उल्लेख नहीं

नगर निगम के मुताबिक संबंधित संपत्ति की बुकिंग अथवा सीलिंग से जुड़ा कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। निगम का यह भी कहना है कि भवन में किए गए किसी निर्माण या अन्य कार्य को लेकर पहले से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। हादसे के बाद अब भवन की स्थिति और निर्माण से जुड़े पहलुओं को लेकर जांच की जा रही है।

अवैध निर्माण पर सख्ती के संकेत

घटना के बाद दिल्ली की मेयर प्रवेश वाही ने अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चार मंजिल से अधिक वाले अवैध निर्माणों को तत्काल सील करने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हादसे के कारणों की जांच पर नजर

इमारत गिरने की घटना के बाद निर्माण की स्थिति, भवन की संरचना और संभावित नियमों के उल्लंघन समेत विभिन्न पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे संभावित लोगों की तलाश और राहत-बचाव कार्य को पूरा करना है।

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