जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, 6 घंटे किया चक्काजाम

कोटमार-महापल्ली मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क बदहाल, गड्ढे और कीचड़ से स्कूली बच्चों व दोपहिया चालकों को परेशानी
रायगढ़। कोटमार से महापल्ली मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश रविवार को सड़क पर देखने को मिला। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से जर्जर हो चुकी सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने टेंट लगाकर करीब छह घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शन के चलते मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
गड्ढों और कीचड़ से बढ़ी परेशानी
कोटमार-महापल्ली मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भरने के साथ सड़क पर कीचड़ भी फैल गया है। इससे सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली छात्रों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
भारी वाहनों की आवाजाही बनी बड़ी वजह
ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग पर बड़ी संख्या में भारी वाहनों का आवागमन होता है। लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क की हालत लगातार खराब होती गई और अब मार्ग जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बरसात में स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची
चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम को मौके पर तैनात किया गया। वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से चर्चा की। अधिकारियों ने सड़क की समस्या का समाधान करने तथा मरम्मत कार्य कराने का आश्वासन दिया।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
ग्रामीणों और प्रशासन के बीच चर्चा के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर करीब छह घंटे से चल रहा चक्काजाम समाप्त हुआ। इसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। हालांकि ग्रामीणों ने सड़क की वास्तविक मरम्मत जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई है।
जिले की सड़कों की बदहाली पर उठ रहे सवाल
कोटमार-महापल्ली मार्ग की समस्या जिले में खराब सड़कों को लेकर उठ रही शिकायतों की एक और कड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिले के कई मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
रायगढ़ शहर की कई प्रमुख सड़कों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। कोतरा रोड से ढिमरापुर मार्ग पर भी लोगों को लंबे समय से आवागमन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों की मरम्मत और भारी वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।






