दिल्ली पहुंचे पुतिन, आज मोदी से अहम मुलाकात; रक्षा से लेकर व्यापार तक कई मुद्दों पर होगी बातचीत

BRICS शिखर सम्मेलन से पहले भारत-रूस संबंधों पर होगी उच्चस्तरीय चर्चा, S-400 और ब्रह्मोस जैसे रक्षा सहयोग भी एजेंडे में
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को तीन दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच गए। वह 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। भारत में आयोजित होने वाले BRICS सम्मेलन से पहले दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बैठक में रक्षा सहयोग, ऊर्जा, व्यापार, निवेश और तकनीकी साझेदारी समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक रक्षा क्षेत्र में S-400 की शेष डिलीवरी और अगली पीढ़ी के ब्रह्मोस कार्यक्रम जैसे मुद्दे भी बातचीत में शामिल हो सकते हैं।
व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर भी होगी चर्चा
दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। व्यापार, निवेश और ऊर्जा के साथ तकनीक तथा फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर भी चर्चा संभावित है।
तीन बड़े क्षेत्रों पर नजर
मोदी-पुतिन वार्ता को व्यापक रूप से तीन प्रमुख आयामों में देखा जा रहा है—
1. रक्षा और रणनीतिक सहयोग:
S-400, ब्रह्मोस और रक्षा तकनीक में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है।
2. व्यापार, ऊर्जा और निवेश:
दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, ऊर्जा साझेदारी और व्यापार को बढ़ाने के उपायों पर बातचीत होगी।
3. वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे:
BRICS की भूमिका, यूक्रेन संघर्ष और बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक हालात पर भी दोनों नेता विचार-विमर्श कर सकते हैं।
BRICS से पहले मुलाकात पर दुनिया की नजर
पुतिन का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं। BRICS सम्मेलन में भी खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर रहने की उम्मीद है।
मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत के परिणामों पर भारत और रूस के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर रहेगी।






