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नाना पाटेकर ने क्यों ठुकराई 1.5 करोड़ की कार? किसानों से जुड़ा किस्सा फिर चर्चा में

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लेखक रणबीर पुष्प ने सुनाया अभिनेता से जुड़ा किस्सा, कहा- महंगी कार के बजाय किसान परिवारों की मदद को दी प्राथमिकता

मुंबई। अभिनेता नाना पाटेकर अपने बेबाक अंदाज और स्पष्ट विचारों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं। हालांकि, उनके व्यक्तित्व का एक संवेदनशील पक्ष भी सामने आता रहा है। हाल ही में लेखक रणबीर पुष्प ने नाना पाटेकर से जुड़ा एक पुराना किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने अभिनेता की किसानों के प्रति संवेदनशीलता का उल्लेख किया।

1.5 करोड़ की कार खरीदने के बजाय मदद का फैसला

रणबीर पुष्प के मुताबिक, एक समय नाना पाटेकर के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये की कार खरीदने की बात थी। लेकिन किसानों की आत्महत्या से प्रभावित परिवारों की स्थिति देखकर उन्होंने कार खरीदने के बजाय उस रकम को जरूरतमंद किसान परिवारों की मदद में लगाने का फैसला किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुष्प ने बताया कि नाना ने अपने एक मित्र की मदद से प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाई। हालांकि, इस किस्से से जुड़े रकम और वितरण के विवरण का आधार रणबीर पुष्प का हालिया बयान है।

किसानों के लिए पहले भी काम कर चुके हैं नाना

नाना पाटेकर का किसानों और सूखा प्रभावित परिवारों से जुड़ा सामाजिक कार्य नया नहीं है। वर्ष 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फाउंडेशन की शुरुआत की थी। संस्था का उद्देश्य महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों और उनके परिवारों की सहायता करना रहा है।

गुस्से के पीछे सामाजिक मुद्दों को लेकर नाराजगी का दावा

रणबीर पुष्प ने नाना पाटेकर के गुस्सैल स्वभाव को लेकर भी अपना अनुभव साझा किया। उनके अनुसार, नाना कई बार सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े मुद्दों पर लोगों को टोकते हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र किया, जिसमें सड़क पर प्लास्टिक की बोतल फेंकने वाले व्यक्ति को नाना ने स्वच्छता को लेकर समझाया था।

लेखक ने नाना की छवि को लेकर कही ये बात

रणबीर पुष्प ने कहा कि नाना पाटेकर को लेकर लोगों के बीच कई तरह की धारणाएं हैं, लेकिन उनके अनुभव में अभिनेता का एक अलग पक्ष भी है। उन्होंने किसानों और जरूरतमंद परिवारों की मदद से जुड़े नाना के प्रयासों का उदाहरण देते हुए उनके सामाजिक सरोकारों का उल्लेख किया।

नाना पाटेकर और किसानों से जुड़े उनके सामाजिक कार्यों का यह किस्सा एक बार फिर चर्चा में है।

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